कलेक्टर-कमिश्नर कांफ्रेंस के बाद MP में नए सिरे से होगी प्रशासनिक जमावट, बदलेंगे कुछ कलेक्टर
भोपाल। नए साल में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान चार जनवरी को कलेक्टर-कमिश्नर और आइजी-एसपी कांफ्रेंस करेंगे। इसके बाद नये सिरे से प्रशासनिक जमावट की जाएगी। मैदानी के साथ-साथ मंत्रालय स्तर पर अधिकारियों की भूमिका में भी बदलाव होगा। बैठक में सबसे ज्यादा जोर रोजगार के मुद्दे पर दिया जाएगा। दरअसल, सरकार ने नये साल में हर माह एक लाख रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए जिला स्तर पर गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। स्व-सहायता समूहों के दायरे में विस्तार के साथ कानून व्यवस्था के मुद्दे पर भी चर्चा की जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक नये साल में आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के रोडमैप पर लक्ष्य बनाकर काम किया जाना है। इसके लिए विभागवार प्राथमिकता निर्धारित हो चुकी है। अब सरकार का पूरा जोर इसके क्रियान्वयन पर रहेगा और मुख्यमंत्री स्वयं इसकी निगरानी करेंगे।
चार जनवरी को होने वाली कलेक्टर-कमिश्नर, आइजी-एसपी कांफ्रेंस में हर माह एक लाख रोजगार के सृजन, महिला स्व-सहायता समूहों के विस्तार और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर विशेष तौर से जिलों की रणनीति पर फीडबैक लिया जाएगा। साथ ही मिलावट के खिलाफ अभियान, अवैध खनन पर सख्ती के साथ अंकुश और चिट फंड के फर्जीवाड़े पर कार्रवाई के साथ प्रभावितों को राशि वापस दिलाने के लिए हुए कार्रवाई पर बात की जाएगी। बैठक के बाद मुख्यमंत्री प्रदेश में नये सिरे से प्रशासनिक जमावट करेंगे।
इसमें कुछ कलेक्टरों को बदला जा सकता है। दरअसल, उपचुनाव के बाद से कलेक्टर बदले जाने की चर्चाएं हैं। सामान्य प्रशासन विभाग अपने स्तर पर तैयारी भी कर चुका है। उधर, जनवरी-फरवरी में कुछ अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने वाले हैं तो कुछ की पदोन्नति हो जाएगी। इसके आधार पर मंत्रालय में अधिकारियों की जिम्मेदारी में परिर्वतन किया जाएगा। इसमें मंत्रियों की पसंद को भी तवज्जो मिलेगी क्योंकि अभी मंत्रियों के हिसाब से विभागों में पदस्थापनाएं नहीं हुई हैं।

