संजय गांधी की एक ऐसी तस्वीर तैयार कराई, जिसमें गांधी परिवार के तीन अन्य सदस्य भी मौजूद हैं। संजय गांधी की तस्वीर संभवत: देश के किसी भी प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में नहीं है। इंदिरा गांधी के छोटे पुत्र संजय गांधी दून स्कूल में पढ़े, वहीं कमलनाथ भी पढ़ा करते थे। स्कूल में संजय-कमलनाथ की दोस्ती मशहूर थी। कमलनाथ 22 साल की उम्र में कांग्रेस में आए और संजय के साथ मिलकर राजनीति का सफर आगे बढ़ाया। गैर कांग्रेसी सरकार के समय संजय गांधी जब जेल गए तो कमलनाथ भी जेल में बंदी के रूप में पहुंच गए। तब कहा जाता था कि इंदिरा गांधी के दो हाथ-संजय गांधी, कमलनाथ।

नहीं छोड़ा आज तक साथ

कमलनाथ ने इस दोस्ती को संजय गांधी के अंतिम दिन तक निभाया और उनके निधन के बाद इंदिरा परिवार को आज तक नहीं छोड़ा। वे देश के उन चुनिंदा कांग्रेस नेताओं में से हैं जिन्होंने इंदिरा गांधी, संजय गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी के साथ तो काम किया ही, अब राहुल गांधी के साथ भी वे काम कर रहे हैं। यही वजह है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने सबसे पहला परिवर्तन संजय गांधी की फोटो कार्यालय में लगवाकर कराया है।

मेरे पारिवारिक रिश्ते

राजनीति की शुरुआत मैंने संजय गांधी के साथ की थी। गांधी परिवार के साथ मेरे पारिवारिक रिश्ते हैं। उनके साथ काम करने का मेरा अच्छा अनुभव है। इस परिवार ने सदैव देश के विकास, भाईचारे और लोगों को जोड़ने की राजनीति की है। कभी भी गांधी परिवार सत्ता के पीछे नहीं भागा। – कमलनाथ, अध्यक्ष, पीसीसी

युकां में साथ काम किया

1975 में युवा कांग्रेस का मैं प्रदेश अध्यक्ष था तो उनके साथ युकां में काम करने का मौका मिला। वे निर्भीक ढंग से निर्णय लेते थे। संजय गांधी ने फैसलों में हमेशा देश हित को सामने रखा। उन्होंने कांग्रेस को 1980 में सत्ता में लाने के लिए लाठियां खाईं। ऐसे नेता की तस्वीर लगाना स्वागत योग्य है। – रामेश्वर नीखरा, पूर्व सांसद