जमीन विवाद और सीमांकन की शिकायतों पर कलेक्टर कड़े मूड में- अधिकारियों को दिए ऑन-द-स्पॉट कार्रवाई के आदेश

जिले के आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जनसुनवाई का आयोजन किया गया। जनसुनवाई में कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने जिले के दूर-दराज के अंचलों से पहुंचे 190 आवेदकों की समस्याओं को पूरे धैर्य और संवेदनशीलता के साथ सुना।

जमीन विवाद और सीमांकन की शिकायतों पर कलेक्टर कड़े मूड में- अधिकारियों को दिए ऑन-द-स्पॉट कार्रवाई के आदेश

कटनी :  कटनी कलेक्ट्रेट में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई के दौरान पहुंचे 190 आवेदकों में सबसे अधिक मामले राजस्व विभाग यानी जमीन विवाद, नामांतरण, सीमांकन और अवैध अतिक्रमण से जुड़े सामने आए। दूर-दराज के गांवों से पहुंचे ग्रामीणों की जमीन संबंधी समस्याओं को कलेक्टर आशीष तिवारी ने पूरे धैर्य और संवेदनशीलता के साथ सुना। उन्होंने मौके पर मौजूद राजस्व अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सीमांकन और नामांतरण के लंबित मामलों का निपटारा तय समय-सीमा के भीतर पारदर्शी तरीके से किया जाए, ताकि आम लोगों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।

कलेक्टर ने मौके पर मौजूद संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रकरण का समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए।

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद

जनसुनवाई के दौरान प्रशासनिक अमले की पूरी टीम मुस्तैद रही। इसमें जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, अपर कलेक्टर श्री नीलांबर मिश्रा, एसडीएम बहोरीबंद श्री प्रदीप मिश्रा सहित सभी संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

इन प्रमुख समस्याओं को लेकर पहुंचे नागरिक

जनसुनवाई में विभिन्न जनहितकारी योजनाओं और राजस्व मामलों से जुड़ी शिकायतें प्राप्त हुईं:

 “नागरिकों को बार-बार न लगाने पड़ें चक्कर”-कलेक्टर

कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में ताकीद करते हुए कहा कि:

“प्रत्येक आवेदन का तथ्यों के आधार पर परीक्षण कर प्राथमिकता के साथ कार्रवाई की जाए और निराकरण की नियमित मॉनिटरिंग भी हो। किसी भी नागरिक को अपनी जायज समस्या के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें, यह जिला प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है

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