jabalpur

कंपकंपाती ठंड में जीएम व डीआरएम ने कियिा ट्रेक का निरीक्षण

जबलपुर नगर संवाददाता। बीती रात जब लोग कंपकंपाती ठंड में रजाई के नीचे दुबके हुये थे लोग ठंड के कारण अपने घर से नहीं निकल रहे थे तभी इस कड़कड़ाती ठंड में पमरे के महाप्रबंधक अजय विजयवर्गीय अपने ट्रेकमैनों के कार्य की दशा व उनका मनोबल बढ़ाने ट्रेक के निरीक्षण पर निकल गये उनके साथ जबलपुर मंडल के डीआरएम डॉ. मनोज कुमार सिंह व अन्य अधिकारी थे जीएम श्री विजयवर्गीय ने मुस्तैद ट्रेकमैनों को देखकर संतुष्टि जताई। पिछले कुछ दिनों से जबर्दस्त शीतलहर चल रही है गलन वाली 02 डिग्री सेल्सियस के तापमान की कंपकंपाती ठंड भरी रात में जितनी ख़ुशी रजाई के अन्दर रहने पर किसी इन्सान को होती है उससे भी अधिक ख़ुशी कल रात रेलवे अधिकारियों ने इससे भी कम तापमान पर रात 12 से 3 बजे के बीच रेलवे लाईन के किनारे रेलवे ट्रैक को सुरक्षित एवं रेल कर्मचारियों को मुस्तेद देखकर महसूस की रेलवे की संरक्षा की जाँच करने के लिए पश्चिम मध्य रेल के महाप्रबंधक अजय विजयवर्गीय 28.29 दिसंबर की दरमियानी रात 12 बजे जोन के मुख्य संरक्षा आयुक्त बीके गुप्ता एवं मंडल रेल प्रबंधक डॉ मनोज सिंह के साथ देवरी एवं गोसलपुर स्टेशन के बीच रेलवे फाटक न. 326 पर पहुंचे। कर्मचारियों की मुस्तैदी निकट से देखी व महसूस की-निरीक्षण पर अमले सहित पहुंचे अधिकारी द्धय द्वारा पहुचकर रेल अधिकारियों ने रेलवे फाटक से गुजरती ट्रेनों को देखा एवं रेलवे ट्रैक की निगरानी कर रहे पैट्रोलमेनों से मिले। रेलवे लाईन में ठंड से होने वाले रेल फ्रेक्चर से रेल दुर्घटना की संभावना अधिक होती है जिससे यात्रियों को उनके मुकाम तक सुरक्षित पहुंचाना एक टेढ़ी.खीर होता है लेकिन पमरे के अधिकारियों की टीम ने औचक निरीक्षण करके इस दिशा में न सिर्फ स्वयं के जागरूक होने बल्कि संरक्षा के कार्य में लगे रेल कर्मचारियों के कार्य को नजदीक से देखा एवं उनकी जागरूकता की सराहना की। 16 किलोमीटर चलते हैं ट्रैकमैन- उल्लेखनीय है कि रेलवे के ट्रैक की रखवाली करने वाले पैट्रोलमेन प्रति दिन दो.दो के गु्रप में 16 किलो मीटर तक पैदल चलकर रेल लाइन को देखते है मंडल द्वारा ट्रैकमेनो को विशेष जैकेट टार्च हेलमेट विशेष जूते एवं संचार के उपकरणों उपलब्ध कराये गए हैं जिनका उपयोग गस्त के दौरान किया जाता है वर्तमान समय में ठंड के बढऩे पर रेलवे लाईन सिकुड़ कर टूट सकती है जिससे रेलवे आवागमन अवरुद्ध हो जाता है इसके बचाव का एक मात्र साधन सिर्फ इसकी रखवाली एवं सतर्कता है जिसका निरीक्षण जबलपुर मंडल में उक्त अधिकारियो ने किया गया।

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