ओवैसी ने की मांग- भारतीय मुस्लिमों को ‘पाकिस्तानी’ कहने पर हो 3 साल की जेल

नई दिल्‍ली। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र की मोदी सरकार से मांग की है कि वो ऐसा कानून बनाए, जिसमें भारतीय मुस्लिमों को ‘पाकिस्‍तानी’ कहे जाने को दंडनीय अपराध माना जाए और ऐसा करने वालों को कम से कम 3 साल जेल की सजा हो।

असदुद्दीन ओवैसी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर लोकसभा में बहस में भाग लेने के दौरान यह मांग रखी। ओवैसी ने कहा कि कानूनन इस तरह के अपराध के लिए तीन साल तक कारावास की सजा देनी चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार संसद में ऐसे बिल नहीं लाएगी। बता दें कि एआईएमआईएम प्रमुख ने ट्रिपल तलाक बिल को ‘महिला विरोधी’ बताया था।

उल्‍लेखनीय है कि इससे पहले तीन तलाक पर प्रस्तावित कानून का कड़ा विरोध करते हुए एमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बीते शनिवार को ‘शरीयत’ की रक्षा के लिए भारतीय मुसलमानों से एक होने का आह्वान किया था। सुप्रीम कोर्ट द्वारा मुद्दे पर दिए गए फैसले को अस्पष्ट बताते हुए उन्होंने कहा कि यह कोई नहीं कह सकता कि एक बार में तीन दफा तलाक बोलने पर शादी समाप्त हो जाएगी या फिर उसे केवल एक तलाक माना जाएगा। उन्होंने आश्चर्य प्रकट किया कि सरकार कैसे संसद में विधेयक ला सकती है। उन्‍होंने नरेंद्र मोदी सरकार से पूछा कि क्या सरकार उन महिलाओं को आर्थिक सहायता मुहैया कराएगी, जिनके पतियों को तीन साल जेल भेज दिया जाएगा।

मिलाद-उन-नबी के मौके पर एमआईएम मुख्यालय दारुसलाम में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि कानून, अपनी पत्नियों को छोड़ने वाले पतियों की एक नई समस्या की ओर ले जा सकता है। उन्होंने मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों के बारे में बोलने लेकिन ‘हिंदू बहनों’ की अनदेखी करने पर पीएम मोदी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ’20 लाख हिंदू महिलाओं को उनके पतियों ने छोड़ दिया है’, क्या मोदी इनके बचाव में भी आएंगे?

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