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एक बार फिर दहला कश्मीर: तीन दिन में पांच हत्याएं, जानिए टारगेट किलिंग के पीछे क्या है आतंकियों की साजिश?

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कश्मीरी पंडितों की घाटी में वापसी के प्रयासों और उनकी संपत्तियों से कब्जे हटाने की कवायद के बीच पाकिस्तान की ओर से फिर से 1990 जैसे हालात पैदा करने की लगातार साजिश रची जा रही है। घाटी में पिछले तीन दिनों के भीतर पांच नागरिकों की आतंकियों द्वारा हत्या की जा चुकी है। इससे पहले कश्मीर में आतंकियों ने 5 अक्तूबर को तीन अलग-अलग स्थानों पर तीन व्यक्तियों को मौत के घाट उतार दिया था। इन हमलों में तीन नागरिकों की मौत हो गई थी। वहीं गुरुवार को सफाकदल इलाके में गवर्नमेंट ब्यॉज हायर सेकेंडरी स्कूल के अंदर घुसकर आतंकियों ने दो शिक्षकों पर गोलियां बरसा दीं। जिसमें दोनों शिक्षकों की मौके पर ही मौत हो गई।

कश्मीरी पंडितों को निशाना बनाकर उन पर हमले कराने के साथ अब उनके मंदिरों को जलाने की कोशिश को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। नब्बे के दशक में भी इसी तरह के हालात पैदा किए गए थे, जिसके बाद कश्मीरी पंडितों को घाटी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा था। सूत्रों का कहना है कि दरअसल पाकिस्तान और उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई को यह रास नहीं आ रहा है कि सरकार ने कश्मीरी पंडितों की संपत्तियों से कब्जा हटाने का अभियान शुरू किया है।

 

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