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आठवीं तक के बच्‍चों का होम बेस्ड असाइनमेंट के आधार पर होगा मूल्यांकन

07 12 2020

भोपाल, MP School News। मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों के पहली से आठवीं कक्षा के बच्चों का इस बार होम बेस्ड असाइमेंट के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। इसके लिए छमाही परीक्षा(प्रतिभा पर्व) एवं वार्षिक मूल्यांकन लिया जाएगा। इसमें छमाही परीक्षा जनवरी में फरवरी व मार्च में वार्षिक परीक्षा होगी। मूल्यांकन के लिए बच्चों को वर्कशीट दी जाएगी। जिसे वे घर पर पूरा कर स्कूल में 10 से 15 दिन में जमा करेंगे। पहली व दूसरी के बच्चों की मूल्यांकन अभ्यास पुस्तिका के आधार पर होगा। वहीं तीसरी से आठवीं कक्षा के बच्चों का मूल्यांकन वर्कशीट में ही प्रश्नों के उत्तर और प्रोजेक्ट वर्क लिखने के आधार पर होगा। वर्कशीट में 60 प्रतिशत लिखित व 40 प्रतिशत प्रोजेक्ट कार्य के लिए दिए जाएंगे।

प्रोजेक्ट वर्क में बच्चों से घर में उपलब्ध रोजमर्रा की सामग्री के आधार पर मॉडल बनवाए जाएंगे। इसके लिए वे अपने भाई-बहन, माता-पिता, दादा-दादी कोई भी मदद कर सकता है। प्रतिभा पर्व जनवरी से ली जाएगी, जो 20 अंकों का होगा। वहीं फरवरी में वार्षिक मूल्यांकन 50 अंक का और मार्च में वार्षिक मूल्यांकन 50 अंक का होगा। तीनों मूल्यांकन के आधार पर रिजल्ट तैयार होगा। इसमें बच्चों को ग्रेड दिया जाएगा। इस संबंध में राज्य शिक्षा केंद्र ने आदेश जारी कर दिए हैं। उल्‍लेखनीय है कि इस पूरा वर्ष ही कोरोना महामारी के चलते पूरे देश में स्‍कूल पूरी तरह नहीं खुल सके है, कई महिनों के बाद पहले जैसी स्थिति धीरे-धीरे बन रही है। इसी को ध्‍यान रखते हुए राज्‍या शिक्षा केंद्र ने यह निर्णय लिया है।

प्रोजेक्ट वर्क में बच्चों से घर में उपलब्ध रोजमर्रा की सामग्री के आधार पर मॉडल बनवाए जाएंगे। इसके लिए वे अपने भाई-बहन, माता-पिता, दादा-दादी कोई भी मदद कर सकता है। प्रतिभा पर्व जनवरी से ली जाएगी, जो 20 अंकों का होगा। वहीं फरवरी में वार्षिक मूल्यांकन 50 अंक का और मार्च में वार्षिक मूल्यांकन 50 अंक का होगा। तीनों मूल्यांकन के आधार पर रिजल्ट तैयार होगा। इसमें बच्चों को ग्रेड दिया जाएगा। इस संबंध में राज्य शिक्षा केंद्र ने आदेश जारी कर दिए हैं। उल्‍लेखनीय है कि इस पूरा वर्ष ही कोरोना महामारी के चलते पूरे देश में स्‍कूल पूरी तरह नहीं खुल सके है, कई महिनों के बाद पहले जैसी स्थिति धीरे-धीरे बन रही है। इसी को ध्‍यान रखते हुए राज्‍या शिक्षा केंद्र ने यह निर्णय लिया है।

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