आज भी मचा बुलडोजर का कोहराम, जमींदोज हुए अतिक्रमण

जबलपुर। हाईकोर्ट के निर्देश पर खाली कराई जा रही मदनमहल की पहाड़ी के तहत जिला प्रशासन की टीम ने गुरूवार को भी सूपाताल के सामने की पहाड़ी से लोगों को मकान खाली करवाकर तिलहरी के मकानों में शिफ्ट होने के लिए पर्ची दीं।
सूपाताल की पहाड़ी में पहले से खाली हो चुके मकानों को तोडऩे का क्रम गुरूवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। निगमायुक्त चंद्रमौलि शुक्ला के निर्देशन में कार्रवाई सी रॉक होटल से शुरू की गई। इस दौरान एसडीएम, पुलिस प्रशासन और निगम अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। गुरुवार को हाईकोर्ट में अतिक्रमण की कार्रवाई कि रिपोर्ट पेश करनी है, जिसको लेकर प्रशासनिक अमला दिन भर सक्रिय रहा।
निगम की मशीनरी सक्रिय
सूपाताल की पहाड़ी से खाली हो चुके मकानों को तोडऩे के लिए नगर निगम ने 7 जेसीबी, एक हिताची 200 और एक हिताची 110 लगाई। सभी मशीनें एक साथ मकानों को तोडऩे का काम कर रही थीं। इसके अलावा 6 ट्रैक्टर, ट्रक और डंपर भी लगाए गए थे ताकि मलवा उठाने के अलावा मकान खाली करने वाले लोगों का सामान शिफ्ट करवाया जा सके।
निगम के 200 कर्मचारी लगे
सूपाताल की पहाड़ी में बने मकानों को तोडऩे से पहले नगर निगम सभी मकान मालिकों को तिलहरी में बने बीएसयूपी के मकान आवंटित कर रही है। इतना ही नहीं निगम के करीब 100 कर्मचारी इन मकानों को खाली कराकर लोगों का सामान तिलहरी तक शिफ्ट कराने का काम कर रहे हैं। इसमें निगम के टिपर, ट्रैक्टर, डंपर भी लगे हुए हैं। इसके अलावा करीब 100 कर्मचारी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में जुटे हैं।
रिश्तेदारों के यहां ली शरण
अतिक्रमण की कार्रवाई से बेघर हुए लोगों ने अपने-अपने रिश्तेदारों के यहां शरण ली है हुई है वही निगम कर्मचारियों द्वारा इनके रहवास हेतु तिलहरी मे दिए गए प्लॉट के लिए बल्लियां इत्यादि सामान पहुंचा दिया है। बहुत से परिवारों ने घर की महिलाओं और बच्चों को पहले ही सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचा दिया था और मकान मालिक अपना बचा खुचा सामान समेटकर अपने नये ठिकाने की ओर रवाना होते रहे।
आशियाना टूटने से दिखी निराशा
निगम का अमला जिन मकानों को ढहा रहा था उन मकानों के मालिक चुपचाप खड़े होकर कार्रवाई को निहार रहे थे अपने आशियाने के टूटने का दर्द इन लोगों के चेहरों पर स्पष्ट देखा जा सकता था। इस दौरान ये प्रशासनिक कार्रवाई को भी कोसते दिखाई दिए इनका कहना था कि निगम ने सारी संवेदनाएं ताक पर रख दी है और इस ठिठुरन भरे मौसम मे उन्हें बेघर किया जा रहा है।
स्वंय तोड़ा रहवास
यहां बसे अतिक्रमणकारियों ने नगर निगम से मकान तोडऩे के लिये कुछ और समय की मांग की थी लेकिन हाईकोर्ट मे रिपोर्ट पेश करने का आदेश इनकी प्रार्थना मे बाधक बना आखिरकार लोगों ने अपने हाथों से मकानों को ध्वस्त करना शुरू कर दिया और ईंट,बल्लियां और शेड सीटें अपने साथ ले गए।

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