
इंदौर। दोस्ती की इस कहानी में दो मुख्य पात्र हैं। 22 साल का युवा यश रावल और 11 साल की बच्ची सिमर खंज। जितनी अनूठी दोनों की दोस्ती है उतनी ही अनूठी है इसकी शुरुआत। महज तीन महीने की उम्र में ही सिमर के माता-पिता गुरप्रीत और गुरबीर कौर खंज को पता चल गया था कि उनकी बेटी थैलेसीमिया से पीड़ित है। ऐसे में उसे बचाने के लिए हर महीने में ब्लड की जरूरत पड़ती थी। जिसका इंतजाम करना आसान नहीं होता था।







