जबलपुर। शुक्रवार को आईटीआई के थर्ड सेमेस्टर के इलैक्ट्रिकल, फिटर और डीजल मैकेनिक ट्रेड के इंजीनियरिंग डिजाइन विषय का पेपर था।
रातभर व्हाटसएप पर चलती रही आन्सर शीट, जानकारी के बाद भी खामोश रहे अधिकारी
जो कि शुक्रवार की रात को ही लीक हो गया। पेपर लीक होने की जानकारी एनएसयूआई नेता सचिन रजक द्वारा सुबह 6 बजे ही अधिकारियों को दे दी गयी थी उसके बाद भी पेपर कराया गया जबकि पेपर देने आये ज्यादातर बच्चे अपने हाथों में आन्सर शीट लेकर घूम रहे थे।
व्हाटसएप पर बिका पेपर
जानकारी के मुताबिक पेपर रात को ही लीक हो गया था जिसे लीक करने वाले लोगों ने व्हाटसएप के माध्यम से बच्चों को बेचा। जानकारी के मुताबिक शुरू शुरू में यह पेपर पांच हजार रुपए में बेचा गया उसके बाद जब यह बच्चों के पास पहुंच गया तो फिर धीरे धीरे यह वायरल हो गया ओर फिर सभी के पास पेपर की व्हाटसएप कापी पहुंच गयी। जिसमें जवाब के साथ साथ सवाल भी थे क्योंकि पेपर इंजीनियरिंग डिजाइन का था जिसमें बच्चों को जवाब में ड्राइंग बनानी थी जिसके चलते आन्सर शीट में ड्राइंग बनाकर वायरल की गयीं।
अधिकारियों की मिलीभगत
जानकारों का कहना है कि ऑल इंडिया में पेपर एनसीबीटी द्वारा सैट किया जाता है जो कि पूरी तरह से गोपनीय होता है। जिसे पेपर के पहले बैंक में जमा कराया जाता है जो पूरी तरह से सुरक्षित होता है और पेपर के ठीक पहले इसे बैंक से निकाला जाता है। इतनी सुरक्षा के बाद भी बैंक से पेपर की कॉपी बाहर आ जाना साफ इशारा करता है कि इसमें कहीं न कहीं अधिकारियों की मिलीभगत है।
दे दी थी जानकारी
एनएसयूआई के नेता सचिन रजक को जब इस बात की जानकारी मिली तो उसके द्वारा अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गयी लेकिन रात हो जाने की वजह से अधिकारियों से संपर्क नहीं हो पाया। लेकिन सुबह 6 बजे ही आईटीआई के प्रिंसीपल के एल मरकाम और ज्वाइंट डायरेक्टर एग्जाम को इस विषय से अवगत करा दिया गया था उसके बाद भी परीक्षा करायी गयी। जिसको लेकर एनएसयूआई के छात्रों द्वारा गवरमेंट आईटीआई में विरोध प्रदर्शन भी किया गया।

