मैथिलीशरण गुप्त ने अपनी रचनाओं से राष्ट्रप्रेम की अलख जगाई-संजय पाठक
कटनी। भारत-भारती जैसी अपनी रचनाओं से आजादी के दौर में राष्ट्रप्रेम की अलख जगाने वाले राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की प्रतिमा का अनावरण करना मेरे लिए गौरव की बात है। जिन्हें आज हम महापुरूष के रूप में सम्मान देते हैं वे आने वाली पीढ़ियों में ईश्वर के तुल्य जाने जाऐंगे। मैथिलीशरण गुप्त का साहित्य रचनाकारों के लिए सदैव प्रेरणा देता रहेगा। यह बात प्रदेश शासन के राज्यमंत्री संजय सत्येन्द्र पाठक ने आज स्टेट बैंक तिराहे पर आयोजित राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की प्रतिमा के अनावरण एवं तिराहा नामकरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किए।

राज्यमंत्री ने कहा कि गहोई समाज ने संगठित होकर जनसेवा के कार्यों में जिस तरह अपने कदम बढ़ाए हैं वे अन्य समाजों के लिए भी प्रेरणादायी हैं। यह समाज हमें आगे बढ़ने की शिक्षा देता है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रतिमा अनावरण का सौभाग्य उन्हें मध्यप्रदेश शासन के मंत्री होने की वजह से मिला। इसके पहले राज्यमंत्री संजय पाठक ने स्टेट बैंक तिराहे पर राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की भव्य प्रतिमा का पर्दा उठाकर अनावरण किया।

समारोह की अध्यक्षता महापौर शशांक श्रीवास्तव ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में नगर निगम अध्यक्ष संतोष शुक्ला, आयुक्त टी.एस. कुमरे, भाजपा जिलाध्यक्ष पीताम्बर टोपनानी, कांग्रेस शहर अध्यक्ष मिथलेश जैन, पार्षद सर्जना कंदेले एवं एमआईसी सदस्य प्रीति संजीव सूरी की मौजूदगी रही। मंच पर गहोई समाज की सर्वोच्च संस्था पंच परिषद के सरपंच सीताराम सेठिया एवं गहोई वैश्य पंचायती ट्रस्ट के अध्यक्ष दीपक सोनी टंडन की भी मौजूदगी रही। कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों ने मां वीणापाणि की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित किया। इसके उपरांत मुख्य अतिथि संजय पाठक एवं महापौर शशांक श्रीवास्तव ने राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की प्रतिमा का अनावरण करते हुए इस तिराहे को मैथिलीशरण गुप्त तिराहे के रूप में लोकार्पित किया। पुष्पवर्षा के बीच राष्ट्रकवि की भव्यतम प्रतिमा के अनावरण के दौरान बड़ी संख्या में गहोई समाज के लोगों एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही। समारोह को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री संजय पाठक ने अपनी ओर से गहोई समाज की जनसेवी योजनाओं के लिए मदद का आश्वासन दिया। महापौर शशांक श्रीवास्तव ने भी इस मौके पर गहोई समाज के संगठन और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि समाज के लोगों की सेवा भावना अद्वितीय है। उन्होंने समाज को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। इसके पहले अतिथियों का स्वागत माल्यार्पण कर एवं बैज लगाकर पंच परिषद के सचिव हजारीलाल नौगरहिया, राकेश सुहाने, द्वारका बिचपुरिया, अनिल खर्द, प्रमोद कनकने, पुरूषोत्तम दास सोनी, अर्चना सोनी, उमारानी त्रिसोलिया, संजय चौदहा, इंदिरा खर्द, बसंत लाल नौगरहिया, आशीष कंदेले, विजय सुहाने, सुशील बरसैंया, राजेन्द्र मोर, डब्बू कनकने, अनुराग त्रिसोलिया, आदेश खरया, अमित टुड़हा, अशोक सेठिया, अजय तीतबिरासी, ओमप्रकाश छिरौल्या, चंद्रप्रकाश बरसैंया, नारायण तीतबिरासी आदि ने किया। कार्यक्रम का सफल संचालन कमलेश सुहाने ने किया। इस मौके पर समाज के सरपंच सीताराम सेठिया ने स्टेट बैंक तिराहे पर प्रतिमा स्थापना के लिए प्रयास करने हेतु महापौर समस्त पार्षदों एवं नगर निगम परिषद का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज की इस उपलब्धि से गहोई समाज के 12 हजार से ज्यादा लोग खुद को गौरावान्वित महसूस कर रहे है। उन्होंने राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त के नाम पर शहर में वाचनालय शुरू करने की इच्छा व्यक्त की जिसमें गरीब वर्ग के छात्रों को लाभ हो सके। उन्होंने यह भी बताया कि समाज के सेवानिवृत्त शिक्षकों की सेवाऐं भी अध्यापन कार्य में लिये जाने की योजना है। इस मौके पर दीपक सोनी टंडन ने भी गहोई समाज द्वारा चलाये जा रहे औषधालय, महिलाओं को स्वांवलंबी बनाने के प्रयासों और अन्य कार्यों का जिक्र किया। कवि रमाकांत निगम राष्ट्रकवि को समर्पित सुंदर रचना प्रस्तुत की। समारोह में कुछ देर के लिए विधायक संदीप जायसवाल भी पहुंचे। इस मौके पर प्रतिष्ठित नागरिक विभवराम त्रिपाठी, पं. अमरनाथ गौतम, एस.एन. मिश्रा, भगवानदास माहेश्वरी, सतीश आनंद, एल्डरमैन शिल्पी सोनी, नीरा सेठिया, पार्षद ऋचा गेलानी, सुभद्रा सोनी, सीमा सोगानी, पार्षद मनीष पाठक, विजय रजक, गुलाब बेन, अभिषेक ताम्रकार, मौसूफ अहमद बिट्टू, नियाजी भाई, मयंक गुप्ता, प्रेमप्रकाश दीक्षित, पत्रकार आशीष सोनी आदि सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोगों की मौजूदगी रही।

