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स्वदेशी से स्वावलंबन और उद्यमिता से रोजगार सृजन की ओर बढ़ें युवा : वंदना गेलानी

स्वदेशी से स्वावलंबन और उद्यमिता से रोजगार सृजन की ओर बढ़ें युवा : वंदना गेलान

 

उत्कर्ष विद्यालय में स्वदेशी सप्ताह एवं उद्यमिता सम्मेलन का प्रभावशाली आयोजन — सफल उद्यमी और अभिभावकों के व्यवसाय में सहयोग करने वाले विद्यार्थी सम्मानित

 

कटनी। स्वदेशी केवल वस्तुओं के चयन का विषय नहीं, बल्कि स्वावलंबी सोच, स्थानीय क्षमता और आर्थिक आत्मनिर्भरता का विचार है। वहीं उद्यमिता केवल व्यवसाय शुरू करने तक सीमित नहीं, बल्कि अपने साथ दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर तैयार करने की क्षमता है। इसी व्यापक दृष्टिकोण को विद्यार्थियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से उत्कर्ष विद्यालय में स्वदेशी सप्ताह एवं उद्यमिता सम्मेलन का आयोजन किया गया।

 

कार्यक्रम में श्रीमती वंदना गेलानी, प्रांत सह महिला कार्य प्रमुख, ने उद्यमिता विषय पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज आवश्यकता केवल नौकरी तलाशने वाले युवाओं की नहीं, बल्कि अपनी प्रतिभा, कौशल और विचारों को अवसर में बदलकर रोजगार देने वाले युवाओं की भी है। उन्होंने कहा कि उद्यमिता की शुरुआत किसी बड़े निवेश से नहीं, बल्कि एक विचार, आत्मविश्वास और उसे कार्यरूप देने के साहस से होती है।

 

उन्होंने विद्यार्थियों को परिवार के व्यवसाय से जुड़ने और उसे समझने की दिशा में भी प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि माता-पिता के व्यवसाय में बच्चे का सहयोग केवल पारिवारिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि व्यवसाय को समझने, कौशल विकसित करने और भविष्य के उद्यमी बनने की पहली पाठशाला भी हो सकता है।

 

कार्यक्रम में सफल व्यवसायी श्री मनदीप अत्री जी ने अपने उद्यम की यात्रा एवं अनुभव विद्यार्थियों के साथ साझा किए। उन्होंने व्यवसाय में आने वाली चुनौतियों, निरंतर प्रयास और अपने अनुभवों के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रेरित किया। उनके व्यवसाय के माध्यम से अनेक लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। इस योगदान के लिए श्री मनदीप अत्री जी का सम्मान किया गया।

 

उद्यमिता की इसी भावना को प्रोत्साहित करते हुए अपने माता-पिता के व्यवसाय में सक्रिय रूप से सहयोग करने वाले पाँच विद्यार्थी साधना विश्वकर्मा, करिश्मा राठौर, राखी साहू आशु साहू मनीष काछी,को भी सम्मानित किया गया जो कि इस विद्यालय के हैं। उत्कर्ष विद्यालय विद्यार्थियों का यह सम्मान इस संदेश का प्रतीक रहा कि उद्यमिता की समझ विद्यालय की उम्र से ही विकसित की जा सकती है।

 

कार्यक्रम में श्री विकास जैन जी ने स्वदेशी एवं स्थानीय उत्पादों के महत्व पर अपने विचार रखे । श्री रमेश गुप्ता जी ने विद्यार्थियों को स्वदेशी एवं स्वावलंबन के प्रति संकल्प दिलाया।

 

कार्यक्रम का शुभारंभ श्री अंकित शुक्ला जी द्वारा सरस्वती वंदना एवं मंत्रोच्चार से हुआ। कार्यक्रम का सफल संचालन अंकित शुक्ला जी एवं विकास जैन जी द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में उद्घोष के साथ कल्याण मंत्र के माध्यम से आयोजन का समापन हुआ। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री राम पद तिवारी जी, श्रीमती नेहा सोनी जी, शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

 

कार्यक्रम ने विद्यार्थियों के सामने स्वदेशी को केवल खरीद की आदत नहीं, बल्कि स्वावलंबन की सोच और उद्यमिता को केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि रोजगार सृजन की शक्ति के रूप में समझने का संदेश रखा। विद्यालय का आभार व्यक्त किया गया

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