Monday, May 4, 2026
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Yashbharat EXCLUSIVE: केरल में ‘लेफ्ट’ का सूपड़ा साफ- क्या शशि थरूर बनेंगे मुख्यमंत्री? सांसद ने खुद खोला राज, बताया कांग्रेस का ‘प्लान-B’

तिरुवनंतपुरम/नई दिल्ली । Yashbharat EXCLUSIVE: केरल में ‘लेफ्ट’ का सूपड़ा साफ! क्या शशि थरूर बनेंगे मुख्यमंत्री? सांसद ने खुद खोला राज, बताया कांग्रेस का ‘प्लान-B’। Yashbharat.com  केरल के चुनावी नतीजों के बीच आज एक ऐतिहासिक इबारत लिखी जा रही है। शुरुआती रुझानों में कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF की शानदार बढ़त ने न केवल पिनाराई विजयन की सरकार को संकट में डाल दिया है, बल्कि दिल्ली से लेकर तिरुवनंतपुरम तक मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर सुगबुगाहट तेज़ कर दी है। क्या शशि थरूर होंगे केरल के अगले CM? इस सवाल पर खुद थरूर ने चुप्पी तोड़ी है।

Yashbharat EXCLUSIVE: केरल में ‘लेफ्ट’ का सूपड़ा साफ- क्या शशि थरूर बनेंगे मुख्यमंत्री? सांसद ने खुद खोला राज, बताया कांग्रेस का ‘प्लान-B’

मुख्यमंत्री की कुर्सी पर थरूर का ‘डिप्लोमैटिक’ जवाब

तिरुवनंतपुरम में मतगणना के बीच पत्रकारों से मुखातिब होते हुए शशि थरूर ने मुख्यमंत्री पद की दावेदारी पर बेहद चतुराई भरा जवाब दिया। उन्होंने कहा:

  • मानक प्रक्रिया: “कांग्रेस में सीएम चुनने की एक तय प्रक्रिया है। आलाकमान का प्रतिनिधि विधायकों से मिलता है और फिर दिल्ली जाकर रिपोर्ट देता है। अंतिम फैसला हाईकमान ही करता है।”

  • सस्पेंस बरकरार: जब उनसे पूछा गया कि क्या कोई सांसद (MP) मुख्यमंत्री बन सकता है, तो उन्होंने मुस्कराते हुए कहा कि आलाकमान किसी भी नियम से बंधा नहीं है, वे जो चाहें चुन सकते हैं। उनके इस बयान ने साफ़ कर दिया है कि थरूर रेस से बाहर नहीं हैं।

वामपंथ के लिए ‘ब्लैक मंडे’: इतिहास में पहली बार शून्य पर ‘लेफ्ट’

शशि थरूर ने एक बड़ा राजनीतिक दावा करते हुए कहा कि 4 मई की सबसे बड़ी खबर यह होगी कि 1960 के दशक के बाद पहली बार भारतीय राजनीति में ऐसा समय आएगा जब वामपंथी दल देश के किसी भी राज्य की सत्ता में नहीं होंगे।

  • ऐतिहासिक संकट: थरूर के अनुसार, 2011 में जब लेफ्ट केरल और बंगाल हारा था, तब त्रिपुरा उनके पास था। लेकिन इस बार एलडीएफ की हार के साथ ही पूरे भारत के नक्शे से वामपंथी सरकारें गायब हो जाएंगी।

केरल का समीकरण: क्या बदलेगी ‘रिवाज़’ की रीत?

केरल में अमूमन हर पांच साल में सत्ता बदलती है, लेकिन पिछली बार पिनाराई विजयन ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज कर इतिहास रचा था।

  • एग्जिट पोल की गूंज: थरूर ने कहा कि हालाँकि उन्हें एग्जिट पोल पर भरोसा नहीं, लेकिन इस बार सभी का एकमत होना यूडीएफ की जीत की ओर इशारा कर रहा है।
  • ताज़ा रुझान: केरल की 140 सीटों में से UDF 75+ सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि सत्ताधारी LDF 60 के नीचे खिसक गया है।

Yashbharat.com का विश्लेषण:

अगर केरल में यूडीएफ जीतता है, तो शशि थरूर का कद राष्ट्रीय राजनीति के साथ-साथ राज्य की राजनीति में भी बेहद मज़बूत हो जाएगा। हालांकि, पार्टी के भीतर वी.डी. सतीशन और के. सुधाकरण जैसे दिग्गजों की दावेदारी भी कम नहीं है।

क्या केरल को मिलेगा ‘ग्लोबल’ चेहरा या पार्टी चुनेगी ‘जमीनी’ नेता? ताज़ा अपडेट के लिए Yashbharat.com को फॉलो करें!

Usha Pamnani

20 वर्षों से डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया की पत्रकारिता में देश-विदेश, फ़िल्म, खेल सहित सामाजिक खबरों की एक्सपर्ट, वर्तमान में यशभारत डॉट कॉम में वरिष्ठ जिला प्रतिनिधि