सनातन संस्कृति का महत्वपूर्ण – संस्कार है यज्ञोपवीत संस्कार

सनातन संस्कृति का महत्वपूर्ण – संस्कार है यज्ञोपवीत संस्का
कटनी। श्री नारायण संस्कृत महाविद्यालय शिक्षा समिति के तत्वावधान में महाविद्यालय स्थित श्री शंकर मंदिर प्रांगण में महाविद्यालय के वरिष्ठ आचार्य पण्डित जैनेन्द्र कुमार त्रिपाठी, आचार्य पण्डित उमाशंकर पाण्डेय, पण्डित विकास द्विवेदी, लखनलाल तिवारी ज्योतिषाचार्य एवं वरिष्ठ आचार्य पण्डित पण्डित रामकिशोर द्विवेदी के निर्देशन में नगर के वरिष्ठ पण्डित ज्ञानेंद्र त्रिपाठी, मनमोहन शास्त्री के द्वारा वैदिक विधि से 16 वटुकों का यज्ञोपवीत संस्कार सम्पन्न कराया गया। इस अवसर पर शिक्षा समिति के सचिव पण्डित रामाधार गौतम ने कहा कि सनातन संस्कृति का अत्यंत महत्वपूर्ण संस्कार यज्ञोपवीत संस्कार है जिसे समय पर सभी ब्राह्मणों को अवश्य कराना चाहिए। इस संस्कार से ब्राह्मण बालक द्विज बनकर वेद अध्ययन करने के योग्य बनता है तथा समाज को सही दिशा निर्देश करता है।
समारोह में समिति के उमाकांत पाठक, प्रकाश भौमियां, अञ्जय गर्ग, सरमन तिवारी, विभवराम त्रिपाठी, केएल पाण्डेय, राजकुमारी त्रिपाठी, अशोक भौमियां, सुरेश सोनी, लक्ष्मी नारायण मंदिर के व्यवस्थापक पण्डित जैनेन्द्र पाठक, कटनी ब्राह्मण समाज से ब्राह्मण सत्संग भवन के व्यवस्थापक पण्डित कृष्णकांत गौतम, कल्पना दुबे, डा. ऊषा पाण्डेय, कल्पना बडगैयां, सुमित्रा शर्मा, पण्डित देवेन्द्र तिवारी, आचार्य विकास द्विवेदी सहित सैकड़ों अभिभावक व नागरिकों की उपस्थिति रही।








