भोजशाला में सूर्योदय से सूर्यास्त तक हुई पूजा, अमन-चैन के बीच नमाज भी हो गई अदा

धार की भोजशाला में शुक्रवार को पड़ी वसंत पंचमी शांति से संपन्न हो गई। कड़ी सुरक्षा के बीच भोजशाला में मां सरस्वती की पूजा और नमाज कराई गई। इस दौरान किसी भी तरह से विवाद को स्थिति निर्मित नहीं हो पाई। तय संख्या में मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने नमाज पढ़ी और भोजशाला में सूर्योदय से सूर्यास्त तक मां सरस्वती की पूजा और हवन जारी रहा। पूर्णाहूति के बाद हवन पूर्ण हुआ और धारवासियों ने चैन की सांस ली।
शांतिपूर्ण तरीके से पूजा और नमाज कराना प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के निर्देश ने राह आसान कर दी। भोजशाला की मस्जिद में दोपहर 2 बजे नमाज भी अदा कराई गई। वज्र वाहन में मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों को सुरक्षा के साथ लाया गया। 20 मिनट तक नमाज अदा होने के बाद समाजजनों को वापस ले जाया गया। 15 से अधिक संख्या में मुस्लिम समाज के लोग आए थे। इसके लिए प्रशासन ने पास भी जारी किए।
आस्था और इबादत की दोनों धाराएं शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा के बीच एक जगह और एक समय पर मिलीं, लेकिन इस बार विवाद नहीं हुआ। न पत्थर चले और न ही आंसू गैस के गोले छोड़े गए। बीते वर्षों में जब भी वसंत पंचमी शुक्रवार को आई थी, धार के हालात बिगड़े थे, लेकिन इस बाद प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत झोंक रखी थी और धार के लोगों ने भी धीरज धरा। वसंत पंचमी और जुम्मे की नमाज निर्विघ्न तरीके से सम्पन्न हुई। भोज उत्सव समिति ने धर्मसभा भी आयोजित की। जिसमें वर्ष 2034 तक धार में भव्य मंदिर बनाने की बात कही गई।








