जबलपुर: सीएम से मिलने जा रही महिला और बेटी हिरासत में, पुलिस पर मारपीट के आरोप से गरमाया माहौल
जबलपुर: सीएम से मिलने जा रही महिला और बेटी हिरासत में, पुलिस पर मारपीट के आरोप से गरमाया माहौल
जबलपुर (ब्यौहारबाग): मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के जबलपुर आगमन के दौरान एक बड़ा विवाद सामने आया है। मानस भवन में आयोजित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में उनसे मिलने जा रही एक महिला और उसकी बेटी को पुलिस द्वारा रास्ते में ही रोककर हिरासत में ले लिया गया। इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित महिला का आरोप है कि बुधवार सुबह से ही पुलिस की कुछ टीमें उसकी गतिविधियों पर लगातार नज़र रख रही थीं। जैसे ही वह अपनी बेटी के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात करने के लिए मानस भवन की ओर रवाना हुई, ब्यौहारबाग के समीप पुलिस कर्मियों ने उन्हें बीच रास्ते में ही रोक लिया।
महिला का दावा है कि उन्हें जबरन पुलिस वाहन में बैठाया गया और थाने ले जाया गया, जहाँ उन्हें देर शाम तक अवैध रूप से हिरासत में रखा गया।
मारपीट और प्रताड़ना के गंभीर आरोप
मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब महिला ने पुलिस प्रशासन पर हिरासत के दौरान मारपीट और अभद्र व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगाए। महिला का कहना है कि वे केवल अपनी समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाने जा रही थीं, लेकिन पुलिस ने उनकी आवाज़ को दबाने के लिए बल प्रयोग किया।
विवाद और सुरक्षा पर उठते सवाल
इस घटना के बाद से ही शहर में प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। एक तरफ जहाँ वीआईपी (VIP) सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस की मुस्तैदी को जरूरी बताया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ एक महिला और उसकी बेटी को दिनभर थाने में बिठाकर रखने और मारपीट के आरोपों ने पुलिसिया कार्रवाई को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
अधिकारियों का पक्ष: इस पूरे घटनाक्रम पर फिलहाल पुलिस के उच्चाधिकारियों का आधिकारिक बयान आना बाकी है। आमतौर पर पुलिस ऐसे मामलों को सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिहाज से एहतियातन की गई कार्रवाई बताती है। बहरहाल, मानवाधिकारों और महिला सुरक्षा के दावों के बीच इस घटना की निष्पक्ष जांच की मांग उठने लगी है।