उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों, ग्रंथपालों एवं क्रीड़ा अधिकारियों की लंबित मांगों के निराकरण हेतु विधायक को सौंपा गया ज्ञापन

 

 

उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों, ग्रंथपालों एवं क्रीड़ा अधिकारियों की लंबित मांगों के निराकरण हेतु विधायक को सौंपा गया ज्ञाप

 

कटनी – प्रांतीय शासकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने उच्च शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों, ग्रंथपालों एवं क्रीड़ा अधिकारियों की लंबे समय से लंबित मांगों के निराकरण के संबंध मे श्री संदीप श्री प्रसाद जायसवाल, विधायक मुड़वारा को छह सूत्रीय मांगपत्र सौंपा।

 

ज्ञापन में प्रमुख रूप से वर्ष 2004 एवं 2005 में नियुक्त बैकलॉग सहायक प्राध्यापकों की परिवीक्षा अवधि नियुक्ति दिनांक से दो वर्ष पूर्ण होने पर समाप्त करते हुए उन्हें करियर पदोन्नति (Career Advancement) का लाभ प्रदान करने तथा जिन सहायक प्राध्यापकों ने अभी आवश्यक योग्यता अर्जित नहीं की है, उन्हें वर्ष 2028 तक योग्यता अर्जित करने का अवसर देने की मांग की गई।

 

इसके अतिरिक्त क्रीड़ा अधिकारियों एवं ग्रंथपालों को सहायक प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक एवं प्राध्यापक पदनाम प्रदान करने, उनकी सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष किए जाने तथा यूजीसी के प्रावधानों के अनुरूप मैट्रिक्स-14 का लाभ देने की मांग भी रखी गई।

 

संघ ने वर्ष 2009, 2011 एवं 2019 में नियमितीकरण से वंचित सहायक प्राध्यापकों की परिवीक्षा अवधि समाप्त कर उन्हें शीघ्र करियर एडवांसमेंट का लाभ देने, छानबीन समिति की बैठकें प्रति सप्ताह एवं विषयवार आयोजित करने तथा पात्रता के अनुसार सहायक प्राध्यापकों एवं सह-प्राध्यापकों को उच्च पदनाम प्रदान करने की मांग भी की।

 

ज्ञापन में सेवानिवृत्त शिक्षकों के पेंशन, वेतन निर्धारण, अर्जित अवकाश एवं समूह बीमा के लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण करने तथा सामान्य प्रशासन विभाग के नियमानुसार परामर्शदात्री समिति की बैठक शीघ्र आयोजित किए जाने की मांग भी शामिल रही। संघ ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग में विगत लगभग दस वर्षों से परामर्शदात्री समिति की बैठक आयोजित नहीं की गई है।

 

विधायक  संदीप श्री प्रसाद जायसवाल ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए उनके निराकरण के लिए शासन स्तर पर आवश्यक सहयोग एवं प्रयास करने का आश्वासन दिया।

 

ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में डॉ. सुधीर कुमार खरे, डॉ. आर. पी. मिश्रा, डॉ. आर. के. गुप्ता, डॉ. सरदार दिवाकर तथा डॉ. आर. पी. सिंह सहित प्रांतीय शासकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

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