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घर पर मृत्यु के बाद कौन-से अंग किए जा सकते हैं दान? जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

घर पर मृत्यु के बाद कौन-से अंग किए जा सकते हैं दान? जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

ऑर्गन डोनेशन (अंगदान) किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद किसी जरूरतमंद मरीज को नया जीवन देने का सबसे बड़ा और पवित्र माध्यम है। हालांकि, भारत में आज भी घर पर सामान्य मृत्यु (Natural Death) होने के बाद कौन-से अंग दान किए जा सकते हैं और कौन-से नहीं, इसको लेकर लोगों के मन में कई भ्रांतियां और कंफ्यूजन हैं।

अंगदान से जुड़े इन्हीं मिथकों और सच्चाई पर टीवी9 (TV9) ने मेडिकल एक्सपर्ट डॉ. गौतम कुमार से खास बातचीत की। आइए आसान शब्दों में समझते हैं कि घर पर मृत्यु के बाद क्या संभव है और क्या नहीं।

 1. ब्रेन डेथ (Brain Death) vs – घर पर सामान्य मृत्यु (Normal Death)

डॉक्टरों के अनुसार, अंगदान की प्रक्रिया इस बात पर निर्भर करती है कि व्यक्ति की मृत्यु कहाँ और किस स्थिति में हुई है:

  • अस्पताल में ‘ब्रेन डेथ’ होने पर: यदि किसी व्यक्ति को अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा ‘ब्रेन डेथ’ घोषित किया जाता है, तो वेंटिलेटर की मदद से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन जारी रखा जाता है। इस स्थिति में हार्ट (दिल), लंग्स (फेफड़े), लिवर, किडनी, पैंक्रियाज और छोटी आंत जैसे सभी महत्वपूर्ण अंगों (Solid Organs) का दान संभव होता है।

  • घर पर सामान्य मृत्यु होने पर: यदि व्यक्ति की मृत्यु घर पर प्राकृतिक रूप से होती है, तो शरीर में तुरंत खून और ऑक्सीजन की सप्लाई बंद हो जाती है। इस वजह से दिल, लिवर, किडनी जैसे सॉलिड ऑर्गन्स कुछ ही मिनटों में खराब हो जाते हैं और उनका ट्रांसप्लांट संभव नहीं होता

 घर पर मृत्यु होने पर किन चीज़ों का हो सकता है दान?

घर पर सामान्य मृत्यु के बाद भी आप किसी की जिंदगी में अंधेरा दूर कर सकते हैं और कुछ मुख्य अंगों/उतकों (Tissues) का दान कर सकते हैं:

  1. कॉर्निया (आंखें):

    घर पर मृत्यु के बाद मुख्य रूप से आंखों की कॉर्निया दान की जा सकती है। इससे दो लोगों को दृष्टि मिल सकती है। समय सीमा: मृत्यु के 6 घंटे के भीतर आई बैंक (Eye Bank) को सूचित करना बेहद अनिवार्य होता है।

  2. टिश्यू (उतक) दान:

    विशेष परिस्थितियों में त्वचा (Skin), हड्डियां (Bone), टेंडन (Tendon) और हार्ट वाल्व (Heart Valve) जैसे टिश्यू भी डोनेट किए जा सकते हैं। हालांकि, यह संबंधित टिश्यू बैंक की मेडिकल जांच और पात्रता पर निर्भर करता है।

 परिजन क्या करें? समय का रखें खास ध्यान

यदि परिवार में किसी व्यक्ति की मृत्यु घर पर हो जाती है और उन्होंने जीवनकाल में अंगदान की इच्छा जताई थी (या परिवार दान करना चाहता है), तो:

  • बिना देरी किए तुरंत नजदीकी अस्पताल, आई बैंक या अधिकृत ऑर्गन डोनेशन सेंटर से संपर्क करें।

  • खुद से यह तय न करें कि अंग काम के हैं या नहीं; यह फैसला मेडिकल अथॉरिटी पर छोड़ दें।

  • अंगदान की प्रक्रिया में समय सबसे महत्वपूर्ण कारक होता है।

 क्या अंगदान से शव को नुकसान पहुँचता है?

अक्सर लोगों में डर होता है कि अंग निकालने से शरीर खराब हो जाएगा। डॉक्टरों के मुताबिक, यह प्रक्रिया पूरी तरह से सर्जिकल एक्सपर्ट्स द्वारा सम्मानजनक तरीके से की जाती है। अंग या कॉर्निया निकालने के बाद शरीर को इस तरह से तैयार किया जाता है कि अंतिम संस्कार सामान्य रूप से और बिना किसी बाधा के किया जा सके।

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