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“हम एक हैं…”: हिजबुल्लाह के समर्थन पर अड़ा ईरान, दुनिया को दी सख्त चेतावनी

इजराइल की नई कार्रवाई: तेहरान के संवेदनशील ठिकानों पर बरसे बम, खुफिया मंत्रालय तबाह

“हम एक हैं…”: हिजबुल्लाह के समर्थन पर अड़ा ईरान, दुनिया को दी सख्त चेतावनी। मध्य-पूर्व में तनाव के बीच Iran ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि वह Hezbollah को हर हाल में समर्थन देता रहेगा। अमेरिका और Israel की चेतावनियों के बावजूद तेहरान अपने रुख पर कायम है।

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ईरानी संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने कहा कि लेबनान-इजराइल के बीच हालिया बातचीत ईरान के दबाव का ही नतीजा है। उनका कहना है कि लेबनान में सीजफायर को ईरान-अमेरिका समझौते का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।“हम एक हैं…”: हिजबुल्लाह के समर्थन पर अड़ा ईरान, दुनिया को दी सख्त चेतावनी

उन्होंने अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा कि उसे ‘इजराइल फर्स्ट’ नीति छोड़नी चाहिए और किसी भी समझौते का ईमानदारी से पालन करना चाहिए।

दरअसल, 14 अप्रैल 2026 को Washington D.C. में लेबनान और इजराइल के बीच दशकों बाद पहली सीधी बातचीत हुई, जिसमें अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने मध्यस्थता की। यह बैठक करीब दो घंटे चली और इसे क्षेत्रीय कूटनीति में अहम कदम माना जा रहा है।

इस बीच, ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता को फिर से शुरू करने की कोशिशें भी तेज हो गई हैं। Asim Munir के तेहरान दौरे और Shehbaz Sharif के खाड़ी देशों के दौरे को इसी कड़ी में देखा जा रहा है। वहीं Donald Trump ने भी बातचीत के दूसरे दौर के संकेत दिए हैं।

गालिबाफ ने कहा कि ईरान और हिजबुल्लाह “एक ही धारा” के हिस्से हैं और क्षेत्र में सीजफायर तभी मजबूत होगा, जब “रेजिस्टेंस” की ताकत बरकरार रहे।

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