शासकीय खेल मैदान पर कब्जे की कोशिश, ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन,कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों ने दी बड़े जनआंदोलन की चेतावन
रीठी। कटनी जिले के रीठी विकासखंड अंतर्गत ग्राम खम्हरिया नंबर-1 में शासकीय हाई स्कूल के समीप स्थित खेल मैदान की भूमि पर कथित अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। गांव के कुछ लोगों द्वारा रात के अंधेरे में जेसीबी और ट्रैक्टर की मदद से खुदाई कर भूमि पर प्लॉटिंग किए जाने के आरोप लगाए गए हैं। इस मामले को लेकर ग्रामीणों और युवाओं में भारी आक्रोश है। उन्होंने तहसीलदार, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं थाना प्रभारी के नाम ज्ञापन सौंपकर जांच और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण व्यापक जनआंदोलन करने को मजबूर होंगे।
ग्रामीणों के अनुसार, पिछले एक सप्ताह से खेल परिसर में रात के समय गतिविधियां संचालित कर मैदान को अस्त-व्यस्त किया जा रहा है। आरोप है कि बीते दो दिनों से जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर के माध्यम से शासकीय भूमि पर खुदाई कर कब्जे का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि शासकीय भूमि पर रातोंरात यह कार्य किसकी अनुमति से कराया जा रहा है और इसके पीछे किसका उद्देश्य है।
ज्ञापन में ग्रामीणों ने पूर्व में खेल एवं युवक कल्याण विभाग की योजना के तहत लाखों रुपये की लागत से ग्राम में खेल मैदान विकसित किए जाने का मुद्दा भी उठाया है। उनका आरोप है कि पूर्व में निर्मित खेल मैदान की जमीन ग्राम के तत्कालीन प्रधान, पटवारी एवं कुछ अन्य लोगों की भूमिका से दिल्ली के एक व्यवसायी को बेच दी गई थी। बाद में भूमि को निजी बताते हुए शासकीय जमीन के चयन में गलती होने की बात कही गई। इससे शासन की लाखों रुपये की राशि व्यर्थ चली गई।
ग्रामीणों का कहना है कि इसके बाद शासकीय हाई स्कूल के सामने उपलब्ध भूमि पर नए खेल मैदान के विकास की घोषणा की गई, लेकिन आज तक वहां कोई कार्य नहीं हुआ। अब इसी भूमि पर भी कब्जे का प्रयास किया जा रहा है। ज्ञापन में संबंधित भूमि का खसरा नंबर 1126 बताते हुए राजस्व अभिलेखों के आधार पर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि खेल मैदान की भूमि को सुरक्षित रखने के लिए तत्काल सीमांकन कराकर बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया जाए तथा खेल विभाग के माध्यम से मैदान का समुचित विकास किया जाए, ताकि गांव के प्रतिभावान युवाओं को खेल गतिविधियों के लिए उचित सुविधा मिल सके।
ग्रामीणों ने प्रशासन से सार्वजनिक हित के इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शासकीय भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि समय रहते प्रशासन ने कदम नहीं उठाए तो इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान श्याम सुंदर विश्वकर्मा, निर्भय सिंह यादव, कमलेश यादव, राजेश यादव, भारत यादव, शिवप्रसाद यादव, विनोद यादव, पुरुषोत्तम यादव, रज्जन विश्वकर्मा, रामसिंह, अजय, सुधीर, छोटू, प्रांशु, शुभम, विक्की सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।












