गर्भावस्ता के समय महिलाओ के वजन में काफी बदलाव देखने को मिलता है जाने कैसे

गर्भावस्ता के समय महिलाओ के वजन में काफी बदलाव देखने को मिलता है जाने कैसे
प्रेग्नेंसी के दौरान हर महिला का वजन बढ़ता है। गर्भ में पल रहे बच्चे को उचित पोषण देने और उसकी पोषण से जुड़ी जरूरतों का ध्यान रखने के दौरान शरीर का वजन बढ़ना एक सामान्य और शारीरिक प्रक्रिया है। अगर आप प्रेग्नेंसी के बाद दोबारा वजन कम करना चाहती हैं तो बहुत जरूरी है कि आप हेल्दी ईटिंग हेबिट्स के साथ व्यायाम और वॉक करना शुरू कर दें। ऐसा करने से आपको वजन घटाने में आसानी होगी।
*प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं का वजन क्यों बढ़ जाता है?*
प्रेग्नेंसी के दौरान वजन बढ़ने का कारण केवल बच्चे का पेट में ग्रो होना नहीं होता है बल्कि इस दौरान मांसपेशियों और बॉडी टिशूज भी ग्रो होते हैं। प्रेग्नेंसी में महिलाओं के प्लेसेंटा और यूट्रस का आकार बढ़ने के साथ ही शरीर में अतिरिक्त ब्लड और फ्लुइड भी बनने लगता है। वहीं स्तनों का आकार भी बढ़ जाता है। औसतन, इस दौरान सामान्य सिंगलटन प्रेग्नेंसी में महिलाओं का वजन 11 से 15 किलो तक बढ़ जाता है। प्रेग्नेंसी के दौरान वजन और भी बढ़ सकता है अगर बच्चे जुड़वा हैं या फिर कुछ मामलों में शरीर में पानी की कमी के कारण भी वजन बढ़ जाता है। यह पैरों और पैरों के पंजों में सूजन की रूप में नजर आने लगता है। कभी-कभी पेट के निचले हिस्से और त्वचा पर भी सूजन आ जाती है।
गर्भावस्ता के समय महिलाओ के वजन में काफी बदलाव देखने को मिलता है जाने कैसे
*प्रेग्नेंसी के दौरान बढ़ते हुए वजन को इस तरह मैनेज करें*
हालांकि, आप प्रेग्नेंसी के दौरान पूरी तरह से वजन बढ़ने से बच नहीं सकती हैं, फिर भी आप निश्चित रूप से वजन बढ़ने के बावजूद स्वस्थ और सक्रिय रहने का प्रयास कर सकती हैं।
*स्वस्थ और पौष्टिक आहार लें।*
अपने भोजन में फल, सब्जियां, अनाज, आटे की रोटी, मांस, मछली और कम फैट वाले डेयरी प्रोडक्ट्स जैसे फूड आइटम्स को शामिल कर सकती हैं।
फैट और शुगर युक्त फूड और पेय पदार्थों को लेने से बचें।
अपने डेली रूटीन में हल्के-फुल्के व्यायाम को शामिल करें।
आपके आहार में आवश्यक विटामिंस, मिनरल्स जैसे फॉलिक एसिड, आयोडीन, कैल्शियम और प्रोटीन आदि जरूर होना चाहिए। यह न केवल आपकी प्रेग्नेंसी को स्मूद करेगा बल्कि आपके बच्चे को आवश्यक पोषक तत्व भी प्रदान करेगा।
फ्लुइड इनटेक को बढ़ाएं। प्रेग्नेंट महिलाओं में आमतौर पर मॉर्निंग सिकनेस और डिहाइड्रेशन की समस्या रहती है। अपने शरीर में पानी के स्तर को बढ़ाने के लिए आपको अपने आहार में फलों/सब्जियों के रस और पानी की मात्रा को सामान्य से अधिक शामिल करना चाहिए। सिंथेटिक और गैस युक्त जूस को पीने से बचें।
गर्भावस्ता के समय महिलाओ के वजन में काफी बदलाव देखने को मिलता है जाने कैसे
प्रत्येक दिन लगभग 30 मिनट तक हल्की-फुल्की एक्सरसाइज जैसे वॉक, स्विमिंग, योगा आदि जरूर करें। यह आपके मन और शरीर दोनों को जीवंत बनाए रखने में मदद करेगा। शांत मन और स्वस्थ शरीर प्रेग्नेंसी के दौरान दो सबसे मूल्यवान आर्शीवाद की तरह हैं।
कंसीव करने की कोशिश करने की शुरुआत से ही एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाना बहुत महत्वपूर्ण होता है। आपका वजन आपके शरीर के बॉडी मास इंडेक्स (BMI) के अनुसार होना चाहिए। अधिक वजन या कम वजन दोनों ही प्रेग्नेंट मां और बच्चे के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है।








