शेर चरवाहे की टांग पकड़कर बीच रास्ते बैठा रहा; अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा शख्स
पालिताना (गुजरात)। गुजरात के भावनगर जिले में स्थित पालिताना के गरजिया गांव में वन्यजीव और इंसानों के बीच संघर्ष (Man-Animal Conflict) की एक बेहद डरावनी तस्वीर सामने आई है। यहां अपने मवेशियों (पशुओं) को चरा रहे एक शख्स पर अचानक एक जंगली शेर ने हमला बोल दिया। दिल दहला देने वाली बात यह रही कि हमले के बाद शेर उस शख्स की टांग को अपने मजबूत जबड़े में दबोचकर वहीं बैठ गया। इस दौरान वहां मौजूद लोग दूर से चीखते-चिल्लाते रहे और शेर के चंगुल में फंसा शख्स बेबसी और खौफ से कांपता नजर आया।
मवेशी चराते समय हुआ हमला, गांव में भारी आक्रोश
जंगल के पास मवेशी चराते समय हुए इस अचानक हमले में घायल व्यक्ति की पहचान कालूभाई बोघाभाई परमार के रूप में हुई है। शेर के चंगुल से जैसे-तैसे छुड़ाए जाने के बाद कालूभाई को लहूलुहान और गंभीर हालत में पालिताना के मानसिंहजी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
इस घटना के बाद से पूरे गरजिया गांव और आस-पास के इलाकों के ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ भारी गुस्सा है। ग्रामीणों का कहना है कि रिहायशी इलाकों के पास जंगली जानवरों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तुरंत मांग की है कि इस आदमखोर हो रहे शेर को पिंजरे में कैद कर गांव की सीमा से दूर घने जंगलों में छोड़ा जाए।
शेर के सामने क्यों बौना है इंसान? जानिए इसकी ताकत का गणित
वैसे तो एशियाई शेर आमतौर पर इंसानों पर सीधे हमला नहीं करते, लेकिन भूखे होने पर या अपने इलाके (Territory) की रक्षा करते समय वे बेहद आक्रामक हो जाते हैं। एक शेर इंसान के लिए कितना खतरनाक हो सकता है, इसे इन वैज्ञानिक तथ्यों से समझा जा सकता है:
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भारी-भरकम वजन: एक वयस्क नर शेर का वजन करीब 150 से 250 किलोग्राम तक होता है, जिसके सामने 60-70 किलो के इंसान की ताकत कुछ भी नहीं है।
शेर चरवाहे की टांग पकड़कर बीच रास्ते बैठा रहा; अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा शख्स
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जानलेवा जबड़ा (Bite Force): शेर के जबड़े की ताकत इतनी भयानक होती है कि वह इंसान की सबसे मजबूत हड्डी को भी एक झटके में पाउडर बना सकता है। वह अपने पंजों से 400-500 किलो का प्रहार करने में सक्षम है।
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शिकार की क्षमता: शेर अपने से कई गुना बड़े और वजनी नीलगाय, जंगली भैंसे, जिराफ और यहां तक कि हिप्पो (दरियाई घोड़ा) के बच्चों को अकेले मार गिराता है।
अफ्रीका और भारत के गिर जंगलों के इतिहास में ऐसे कई मामले दर्ज हैं जब शेरों ने इंसानों को अपना शिकार बनाया है। विशेषज्ञों का कहना है कि जंगली इलाकों या अभ्यारण्यों के आस-पास रहने वाले लोगों को अकेले सुनसान जगहों पर जाने से बचना चाहिए। यदि सामने शेर आ भी जाए, तो उसकी आंखों में आंखें डालने या पीठ दिखाकर भागने के बजाय धीरे-धीरे पीछे हटना चाहिए, क्योंकि भागने पर शेर उसे अपना शिकार मानकर तुरंत झपट्टा मारता है।
