Latest

डिप्टी जेलर बनीं दुल्हन और पूर्व कैदी बना दूल्हा: सतना जेल की वारंट शाखा में शुरू हुई थी फिरोजा और धर्मेन्द्र की अनोखी लव स्टोरी

डिप्टी जेलर बनीं दुल्हन और पूर्व कैदी बना दूल्हा: सतना जेल की वारंट शाखा में शुरू हुई थी फिरोजा और धर्मेन्द्र की अनोखी लव स्टोरी।ब्‍अक्सर जेल की दीवारों के पीछे जुर्म और सजा की कहानियां सुनी जाती हैं, लेकिन मध्यप्रदेश की सतना जेल से एक ऐसी दास्तां सामने आई है जिसने सबको हैरान कर दिया है। यह कहानी है एक जांबाज डिप्टी जेलर फिरोजा खातून और आजीवन कारावास की सजा काट चुके धर्मेन्द्र सिंह की, जिन्होंने समाज की बंदिशों को तोड़कर 5 मई 2026 को शादी के पवित्र बंधन में बंधने का फैसला किया।

BREAKING: MP में बड़ा प्रशासनिक उलटफेर; संजय शुक्ला गृह सचिव और शिवशेखर शुक्ला GAD प्रमुख नियुक्त

डिप्टी जेलर बनीं दुल्हन और पूर्व कैदी बना दूल्हा: सतना जेल की वारंट शाखा में शुरू हुई थी फिरोजा और धर्मेन्द्र की अनोखी लव स्टोरी

जेल की ‘वारंट शाखा’ बनी मिलन का जरिया

रीवा की रहने वाली फिरोजा खातून ने पीएससी परीक्षा पास कर खाकी वर्दी पहनी और उनकी तैनाती सतना की केन्द्रीय जेल में हुई। उन्हें जेल की वारंट शाखा का प्रभार दिया गया। वहीं, धर्मेन्द्र सिंह साल 2007 के एक हत्याकांड मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे थे। जेल के भीतर अच्छे आचरण की वजह से धर्मेन्द्र को वारंट शाखा में ही सहायक (Computer/Office Assistant) के तौर पर काम दिया गया था।

काम के दौरान बढ़ा जुड़ाव

वारंट शाखा में रोज के कामकाज के दौरान फिरोजा और धर्मेन्द्र की मुलाकातें होने लगीं। धर्मेन्द्र की कार्यकुशलता और जेल के अनुशासन के प्रति उनके समर्पण ने डिप्टी जेलर फिरोजा को प्रभावित किया। धीरे-धीरे यह पेशेवर बातचीत दोस्ती और फिर प्यार में बदल गई।

नगर निगम की नई रणनीति: अब रात में भी चमकेंगी शहर की सड़कें, सफाई कर्मियों की शिफ्ट में बड़ा बदलाव; जानें नया शेड्यूल

सजा खत्म हुई और शुरू हुआ नया सफर

धर्मेन्द्र ने अपनी उम्रकैद की सजा पूरी की और बाहर आए। लेकिन इस बीच दोनों के बीच का रिश्ता और मजबूत हो चुका था। अलग-अलग धर्म और पृष्ठभूमि होने के बावजूद, दोनों ने एक-दूसरे का साथ निभाने का वादा किया। अंततः 5 मई को छतरपुर में दोनों ने सादगी के साथ विवाह कर लिया।

देशभर में चर्चा का विषय

सोशल मीडिया पर लोग इस शादी को ‘असली वीर-ज़ारा’ बता रहे हैं। यह मामला इसलिए भी खास है क्योंकि यह न केवल दो दिलों का मिलन है, बल्कि अपराधी के सुधार (Rehabilitation) और समाज की स्वीकार्यता का एक बड़ा उदाहरण भी है।

Usha Pamnani

20 वर्षों से डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया की पत्रकारिता में देश-विदेश, फ़िल्म, खेल सहित सामाजिक खबरों की एक्सपर्ट, वर्तमान में यशभारत डॉट कॉम में वरिष्ठ जिला प्रतिनिधि