प्रदेश के तकनीकी अतिथि व्याख्याताओं ने हरियाणा मॉडल लागू करने की उठाई मांग

प्रदेश के तकनीकी अतिथि व्याख्याताओं ने हरियाणा मॉडल लागू करने की उठाई मां
कटनी- प्रदेश के तकनीकी शिक्षा विभाग में कार्यरत अतिथि व्याख्याताओं ने अपनी वर्षों पुरानी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। प्रदेश के 5 इंजीनियरिंग कॉलेजों और 67 पॉलीटेक्निक कॉलेजों में कार्यरत लगभग 1500 अतिथि व्याख्याताओं ने विभागीय मंत्री इंदर सिंह परमार और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि उच्च शिक्षा विभाग की तर्ज पर तकनीकी शिक्षा में भी हरियाणा मॉडल लागू किया जाए।
अतिथि व्याख्याताओं का कहना है कि जिस तरह उच्च शिक्षा के अतिथि विद्वान लंबे समय से सेवाएं दे रहे हैं, उसी प्रकार तकनीकी शिक्षा के अतिथि व्याख्याता भी कई वर्षों से निरंतर कार्य कर रहे हैं। दोनों की सेवा शर्तें लगभग समान होने के बावजूद तकनीकी शिक्षा के अतिथि व्याख्याताओं को आज भी समान लाभ नहीं मिल पा रहे हैं।
अतिथि व्याख्याताओं ने याद दिलाया कि वर्ष 2023 में हुई महापंचायत के दौरान सरकार द्वारा 12 माह का फिक्स वेतन और 65 वर्ष तक स्थायित्व देने की घोषणा की गई थी, लेकिन यह घोषणा अब तक कागजों तक ही सीमित है और जमीनी स्तर पर लागू नहीं हुई है।
समस्त तकनीकी अभियांत्रिकी अतिथि विद्वान संघ के प्रदेश सचिव प्रदीप कुमार यादव ने बताया कि सरकार से बार-बार अनुरोध के बावजूद अतिथि व्याख्याताओं की मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा मॉडल लागू होने से तकनीकी शिक्षा में कार्यरत अतिथि व्याख्याताओं को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मिलेगी तथा शिक्षा की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।
अतिथि व्याख्याताओं ने सरकार से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है, ताकि वर्षों से सेवा दे रहे तकनीकी अतिथि व्याख्याताओं को न्याय मिल सके।








