MP में उग्र हुआ शिक्षकों का आंदोलन: नीलम पार्क में 5वें दिन चेतावनी- ‘मांगें न मानीं तो मंगल पांडे बनने में देर नहीं लगेगी’; 2 अक्टूबर को जिला स्तर पर उपवास
MP में उग्र हुआ शिक्षकों का आंदोलन: नीलम पार्क में 5वें दिन चेतावनी- ‘मांगें न मानीं तो मंगल पांडे बनने में देर नहीं लगेगी’; 2 अक्टूबर को जिला स्तर पर उपवास
भोपाल: शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता समाप्त करने सहित अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर मध्यप्रदेश के अध्यापकों का आंदोलन अब आर-पार की लड़ाई का रूप लेता दिख रहा है। भोपाल के नीलम पार्क में चल रहे अनिश्चितकालीन धरने के पांचवें दिन अध्यापकों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आंदोलन को पूरे प्रदेश के जिला स्तर पर ले जाने का बड़ा ऐलान कर दिया है।
धरने के दौरान शिक्षक नेताओं ने राज्य सरकार को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, “आजादी की लड़ाई में अगर किसी ने पहला योगदान दिया था तो वह मंगल पांडे थे। कर्मचारी का इतिहास भी मंगल पांडे बनने का रहा है। अगर कोई कर्मचारी मंगल पांडे बना, तो फिर सरकार से आजादी तय है।”
2 अक्टूबर को गांधी जयंती पर सभी जिलों में सत्याग्रह
अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के सदस्य व शिक्षक नेता उपेंद्र कौशल ने बताया कि गांधी जयंती (2 अक्टूबर) के अवसर पर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर शिक्षक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष उपवास-सत्याग्रह करेंगे और प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपेंगे। वहीं, भोपाल के नीलम पार्क में होने वाले मुख्य आयोजन में भोपाल और इंदौर संभाग के शिक्षक बड़ी संख्या में जुटेंगे।
रीवा-शहडोल संभाग से पहुंचे 3 हजार शिक्षक
आंदोलन के पांचवें दिन रीवा और शहडोल संभाग से लगभग 3,000 शिक्षक नीलम पार्क पहुंचे। शिक्षक प्रतिनिधियों ने मांग उठाई कि जिस प्रकार जम्मू-कश्मीर और तमिलनाडु की सरकारों ने शिक्षकों के हित में टीईटी से जुड़े मुद्दों पर विधानसभा से प्रस्ताव पारित किया है, उसी तर्ज पर मध्यप्रदेश सरकार भी तत्काल अध्यादेश या विशेष प्रस्ताव लाए।








