किडनी स्टोन के लक्षण समय रहते पहचानना बेहद जरूरी है, क्योंकि किडनी में पथरी बढ़ने या पेशाब के रास्ते में फंसने पर तेज दर्द और दूसरी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। पहले यह समस्या मुख्य रूप से 30 से 60 वर्ष की उम्र के लोगों में ज्यादा देखी जाती थी, लेकिन अब युवाओं में भी इसके मामले सामने आ रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, कम पानी पीना, खान-पान की गलत आदतें और कुछ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं किडनी स्टोन का खतरा बढ़ा सकती हैं।
किडनी में बनने वाली पथरी कई बार छोटी होती है और बिना किसी परेशानी के शरीर से बाहर निकल जाती है। लेकिन जब स्टोन बड़ा हो जाए या पेशाब की नली में फंस जाए, तो तेज दर्द समेत कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
किडनी स्टोन क्यों बनता है?
नेशनल किडनी फाउंडेशन के अनुसार, जब पेशाब में मौजूद कुछ मिनरल्स और लवण अधिक मात्रा में जमा होकर क्रिस्टल का रूप लेने लगते हैं, तो धीरे-धीरे किडनी स्टोन बन सकता है। पर्याप्त पानी न पीना इसका एक प्रमुख कारण माना जाता है।
इसके अलावा ज्यादा मात्रा में सोडियम, प्रोटीन या ऑक्सालेट वाले खाद्य पदार्थों का सेवन और कुछ स्वास्थ्य संबंधी स्थितियां भी किडनी स्टोन का खतरा बढ़ा सकती हैं।
किडनी स्टोन आमतौर पर पेशाब में कैल्शियम, ऑक्सालेट या फॉस्फेट जैसे मिनरल्स के असंतुलन के कारण बनता है।
किडनी स्टोन के प्रमुख प्रकार
किडनी स्टोन कई प्रकार की होती है, लेकिन कैल्शियम से बनने वाली पथरी सबसे आम है। इनमें प्रमुख रूप से ये शामिल हैं
कैल्शियम ऑक्सालेट स्टोन
यह किडनी स्टोन का सबसे आम प्रकार है। जब पेशाब में कैल्शियम और ऑक्सालेट की मात्रा बढ़ जाती है और साइट्रेट की मात्रा कम हो जाती है, तब इस तरह की पथरी बनने का खतरा बढ़ सकता है।
कैल्शियम फॉस्फेट स्टोन
कैल्शियम फॉस्फेट स्टोन, कैल्शियम ऑक्सालेट की तुलना में कम आम होती है। यह स्थिति तब हो सकती है जब पेशाब सामान्य से ज्यादा क्षारीय यानी कम अम्लीय हो। कुछ स्वास्थ्य समस्याएं और दवाएं भी इस प्रकार की पथरी के जोखिम को बढ़ा सकती हैं।
किडनी स्टोन के लक्षण क्या हैं?
किडनी स्टोन के लक्षण पथरी के आकार और उसके पेशाब की नली में फंसने पर निर्भर कर सकते हैं। इसके सामान्य लक्षणों में शामिल हैं:
- – कमर या पेट के एक तरफ तेज दर्द
- – दर्द का पेट के निचले हिस्से या जांघ के पास तक पहुंचना
- – पेशाब करते समय दर्द या जलन
- – बार-बार पेशाब आने की इच्छा
- – पेशाब में खून आना
- – पेशाब का रंग सामान्य से अलग या धुंधला होना
- – मतली और उल्टी
- – बुखार या ठंड लगना, खासकर संक्रमण होने पर
किडनी स्टोन को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
अगर पथरी पेशाब के रास्ते में रुकावट पैदा करती है, तो पेशाब का प्रवाह प्रभावित हो सकता है। इससे संक्रमण और किडनी पर दबाव जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। लंबे समय तक समस्या का इलाज न होने पर किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होने का खतरा बढ़ सकता है।
इसीलिए कमर या पेट में बार-बार तेज दर्द, पेशाब में खून, पेशाब करते समय जलन या बुखार जैसे लक्षण दिखाई दें तो इसे सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
किडनी स्टोन से बचने के लिए क्या करें?
किडनी स्टोन से बचाव में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही भोजन में अत्यधिक नमक का सेवन कम करना और संतुलित आहार लेना भी फायदेमंद हो सकता है। जिन लोगों को पहले किडनी स्टोन हो चुका है, उन्हें डॉक्टर की सलाह के अनुसार खान-पान और पानी की मात्रा पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
ध्यान दें: किडनी स्टोन के लक्षण कई दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं से भी मिलते-जुलते हो सकते हैं। तेज दर्द, बुखार, पेशाब में खून या पेशाब रुकने जैसी समस्या होने पर डॉक्टर से जांच और उचित सलाह लेना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है। इसमें दी गई जानकारी किसी डॉक्टर की सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किडनी स्टोन से संबंधित लक्षण या कोई गंभीर परेशानी होने पर योग्य चिकित्सक से परामर्श लें। किसी भी दवा या उपचार को डॉक्टर की सलाह के बिना शुरू या बंद न करें।
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