मध्य प्रदेश के 400 निजी अस्पतालों की हड़ताल खत्म: आयुष्मान योजना में क्लेम भुगतान पर सरकार ने मानीं तीनों मांगें; 1 लाख से ज्यादा अटके क्लेम निपटाने 50 डॉक्टरों की टीम गठित
भोपाल, yashbharat.com। आयुष्मान भारत योजना के तहत करोड़ों रुपये के बकाये भुगतान को लेकर मध्य प्रदेश के निजी अस्पतालों का चल रहा आंदोलन आखिरकार खत्म हो गया है। यूनाइटेड प्राइवेट हास्पिटल्स डायरेक्टर्स एसोसिएशन (UPHDA) के बैनर तले पिछले एक महीने से प्रदेश के 400 से अधिक निजी अस्पताल हड़ताल पर थे। बुधवार देर रात स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों और एसोसिएशन पदाधिकारियों के बीच हुई मैराथन बैठक में सरकार ने अस्पताल संचालकों की तीनों प्रमुख मांगों पर सहमति जता दी है।
इस फैसले के बाद अब आयुष्मान योजना के तहत मरीजों का इलाज सुचारू रूप से शुरू हो सकेगा और क्लेम की प्रक्रिया नहीं रुकेगी।
स्वास्थ्य विभाग के साथ बैठक में इन 3 प्रमुख मांगों पर बनी सहमति:
1. पोर्टल-1 का रुका भुगतान जल्द होगा रिलीज: वर्षों से लंबित पोर्टल-1 के भुगतान पेंच को सुलझाने के लिए नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (NHA) से आधिकारिक पत्राचार शुरू कर दिया गया है। NHA से मंजूरी मिलते ही फंड रिलीज किया जाएगा।
2. क्लेम ऑडिट के लिए 50 डॉक्टरों की स्पेशल टीम: UPHDA के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. विशाल सिंह बघेल के अनुसार पोर्टल-2 में 1 लाख से ज्यादा क्लेम ऑडिट में अटके पड़े थे। विभाग ने इसके लिए 50 एमबीबीएस डॉक्टरों की विशेष टीम गठित की है, जो भोपाल में बैठकर दो महीने के भीतर सभी लंबित क्लेम्स का निपटारा करेगी।
3. NABH डी-एम्पैनलमेंट में ढील: ऑनलाइन प्रूफ जमा करने पर NABH डी-एम्पैनलमेंट की प्रक्रिया में अस्पतालों को राहत प्रदान की जाएगी।
2 महीने के भीतर निपटाए जाएंगे 1 लाख से अधिक केस
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. विशाल सिंह बघेल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने दो महीने के भीतर ऑडिट में फंसे सभी क्लेम्स का निपटारा करने का लिखित आश्वासन दिया है। इस सहमति के बाद मरीजों को राहत मिलेगी और निजी अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड धारकों का इलाज बिना रुकावट फिर से चालू हो जाएगा।


















