दोस्तों को बदनाम करना बंद करो…’ मौनी रॉय से अलग होने पर पति सूरज नांबियार का लंबा पोस्ट, खोले रिश्ते के राज
दोस्तों को बदनाम करना बंद करो…’ मौनी रॉय से अलग होने पर पति सूरज नांबियार का लंबा पोस्ट, खोले रिश्ते के राजबॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री की मशहूर एक्ट्रेस मौनी रॉय (Mouni Roy) और उनके पति सूरज नांबियार (Suraj Nambiar) के फैंस के लिए एक बेहद दिल तोड़ने वाली खबर सामने आई है। पिछले कई दिनों से दोनों के रिश्ते में अनबन और तलाक की चल रही अटकलों पर अब आधिकारिक मुहर लग चुकी है। मौनी और सूरज ने सोशल मीडिया पर एक जॉइंट स्टेटमेंट जारी कर अपने तलाक का ऐलान कर दिया है। शादी के महज चार साल बाद ही इस खूबसूरत कपल की राहें हमेशा के लिए अलग हो गई हैं।
दोस्तों को बदनाम करना बंद करो…’ मौनी रॉय से अलग होने पर पति सूरज नांबियार का लंबा पोस्ट, खोले रिश्ते के राज
इस बीच, सोशल मीडिया पर एलीमनी (गुजारा भत्ता) और एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर को लेकर उड़ रही अफवाहों पर सूरज नांबियार ने चुप्पी तोड़ते हुए एक लंबा-चौड़ा पोस्ट साझा किया है और अलग होने की असली वजह बताई है।
सूरज नांबियार का फूटा गुस्सा: ‘न एलीमनी की मांग, न कोई तीसरा शामिल’
तलाक के ऐलान के बाद से ही इंटरनेट पर कई तरह की मनगढ़ंत कहानियां तैर रही थीं। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि मौनी ने भारी-भरकम गुजारा भत्ता मांगा है, तो कुछ ने रिश्ते में किसी तीसरे शख्स के आने की बात कही।
इन सभी अफवाहों पर विराम लगाते हुए सूरज नांबियार ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा— “हमारे अलगाव को लेकर फैलाई जा रही अफवाहें और निराधार खबरें बेहद घटिया और पूरी तरह से दुर्भावनापूर्ण हैं। मैं इस बात को स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि हमारे बीच कोई गुजारा भत्ता (Alimony) का मामला नहीं है। कोई विवाद नहीं है और इसमें कोई तीसरा पक्ष (Third Party) भी शामिल नहीं है। मौनी और मैंने आपसी सम्मान और एक-दूसरे की भलाई का ध्यान रखते हुए अलग होने का फैसला किया है। यही एकमात्र सच है।”
निर्दोष दोस्तों को घसीटने पर जताई नाराजगी
सूरज ने अफवाहों में उनके दोस्तों का नाम घसीटे जाने पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आगे लिखा— “मैं यह बात स्पष्ट और आखिरी बार कहना चाहता हूं, हम दोनों या किसी तीसरे पक्ष के बारे में लगाए जा रहे आरोपों में रत्तीभर भी सच्चाई नहीं है। खासकर उन निर्दोष दोस्तों को इसमें घसीटना बिल्कुल भी ठीक नहीं है, जिनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। मौनी और मैंने इस पूरे मुश्किल दौर में गरिमा बनाए रखी है और हम उम्मीद करते हैं कि मीडिया भी हमारे प्रति वही गरिमापूर्ण व्यवहार दिखाएगा।”
‘बिना वेरिफिकेशन के छपी खबरें, चुप रहना मंजूर नहीं’
मीडिया के एक वर्ग पर बिना जांच-पड़ताल के खबरें चलाने का आरोप लगाते हुए सूरज ने कहा— “कई मीडिया संस्थानों ने ऐसी मनगढ़ंत कहानियां गढ़ी हैं जिनका कोई वजूद ही नहीं है। ये रिपोर्टें बिना किसी वेरिफिकेशन के प्रकाशित की गई हैं, जो बेहद अनुचित है। मैं इसका स्पष्ट तौर पर विरोध कर रहा हूँ, क्योंकि जानबूझकर फैलाई गई गलत सूचना के सामने चुप रहना मुझे मंजूर नहीं है।”
सूरज ने अंत में अपील करते हुए कहा कि उनके जॉइंट स्टेटमेंट में वो सब बातें कही जा चुकी हैं जो जरूरी थीं, इसलिए अब उन्हें अकेला छोड़ दिया जाए ताकि वे शांतिपूर्वक जीवन में आगे बढ़ सकें।

