सिंहस्थ 2028: उज्जैन रेलवे स्टेशन पर उमड़ेगा आस्था का सैलाब, 7700 ट्रेनें चलाएगा रेलवे; ₹800 करोड़ से संवर रहा महाकाल का द्वार
सिंहस्थ 2028: उज्जैन रेलवे स्टेशन पर उमड़ेगा आस्था का सैलाब, 7700 ट्रेनें चलाएगा रेलवे; ₹800 करोड़ से संवर रहा महाकाल का द्वार। सिंहस्थ महाकुंभ 2028 की तैयारियों को लेकर रेलवे ने अपनी कमर कस ली है। पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक (जीएम) रामाश्रय पांडेय ने बुधवार को उज्जैन रेलवे स्टेशन का विस्तृत निरीक्षण किया। जीएम ने घोषणा की कि इस बार सिंहस्थ में करीब 20 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, जिसे देखते हुए रेलवे अपने बुनियादी ढांचे और सेवाओं में रिकॉर्ड वृद्धि कर रहा है।
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7700 ट्रेनें और ₹800 करोड़ का बजट
जीएम पांडेय ने बताया कि वर्ष 2016 के सिंहस्थ में 2200 विशेष ट्रेनें चलाई गई थीं, लेकिन 2028 के लिए इस संख्या को बढ़ाकर 7700 किया जाएगा।
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बजट: स्टेशन और आसपास के विकास कार्यों के लिए ₹800 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं।
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डेडलाइन: रेलवे के सभी निर्माण कार्यों को अक्टूबर-नवंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
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होल्डिंग एरिया: स्टेशन के दोनों ओर विशाल होल्डिंग एरिया बनाए जा रहे हैं, जहां एक समय में 50,000 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित रूप से ठहराया जा सकेगा।
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ग्राउंड जीरो पर 80 मिनट का निरीक्षण
करीब 80 मिनट के दौरे में जीएम ने प्लेटफॉर्म नंबर 1 से 8 तक लिफ्ट, एस्केलेटर, साफ-सफाई और प्रतीक्षालय की समीक्षा की। उन्होंने मालगोदाम के पास बन रहे रोप-वे और रनिंग रूम का भी जायजा लिया। जीएम ने स्टेशन पर भीड़ प्रबंधन के लिए बनाए गए नक्शों का अवलोकन किया और वर्तमान व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया।
नई मेमो ट्रेनों की मांग
निरीक्षण के दौरान सांसद अनिल फिरोजिया भी साथ रहे। उन्होंने इंदौर-फतेहाबाद-उज्जैन-देवास रूट पर मेमो ट्रेनों को नियमित करने और नागदा-कोटा मेमो को उज्जैन तक विस्तार देने की मांग रखी। जीएम ने इन सुझावों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया है।
मजदूर संघ ने सौंपा ज्ञापन
वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ ने जीएम को रेल कर्मचारियों की समस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौंपा। इसमें विभागीय पदोन्नति परीक्षा (GDCE) के शीघ्र आयोजन और नए रेल आवासों के निर्माण जैसी प्रमुख मांगें शामिल थीं।

