सागर में शोले जैसा ड्रामा- ढाई साल की बेटी को लेकर 800 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ा दंपती, रेस्क्यू के लिए बुलानी पड़ी सेना
सागर में शोले जैसा ड्रामा- ढाई साल की बेटी को लेकर 800 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ा दंपती, रेस्क्यू के लिए बुलानी पड़ी सेना। मध्य प्रदेश के सागर जिले में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब केंट थाना क्षेत्र के सिविल लाइन एरिया में स्थित पशु चिकित्सालय के पीछे बने 800 फीट ऊंचे बीएसएनएल टावर पर एक दंपती अपनी मासूम बच्ची के साथ चढ़ गया।
सागर में शोले जैसा ड्रामा- ढाई साल की बेटी को लेकर 800 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ा दंपती, रेस्क्यू के लिए बुलानी पड़ी सेना
मोतीनगर पुलिस पर झूठे मुकदमों में फंसाने और बेरहमी से पीटने का आरोप लगाते हुए यह परिवार टावर से कूदकर जान देने की धमकी देने लगा।दोपहर करीब 1:30 बजे शुरू हुआ यह हाई-वोल्टेज ड्रामा देर शाम तक चला। जब जिला प्रशासन, पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें थक गईं, तो आखिरकार हालात पर काबू पाने और रेस्क्यू के लिए भारतीय सेना (Army) को बुलाना पड़ा।
तपती धूप, 800 फीट की ऊंचाई और फोन पर बातचीत
टावर पर चढ़े युवक की पहचान छोटा करीला निवासी 21 वर्षीय बलराम अहिरवार के रूप में हुई है, जो अपनी पत्नी कृष्णा और ढाई साल की बेटी के साथ टावर के बिल्कुल ऊपरी हिस्से में जा बैठा जब सिविल लाइन की एफआरबी (FRB) गाड़ी मौके पर पहुंची, तो बलराम डर के मारे बच्ची को लेकर और ऊपर चढ़ गया। इतनी ऊंचाई पर होने के कारण नीचे से पुलिस की आवाज उन तक नहीं पहुंच रही थी। आखिरकार पुलिस ने बलराम का मोबाइल नंबर ढूंढकर उसे कॉल किया। बलराम ने रोते हुए फोन पर कहा, “मोतीनगर पुलिस ने मुझे बिना वजह बहुत पीटा, जेल भेजा और लगातार मेरे खिलाफ झूठे केस बना रही है। जब तक मोतीनगर टीआई (TI) पर कार्रवाई नहीं होगी, हम नीचे नहीं उतरेंगे।”
जब कमान संभालने ग्राउंड पर उतरी ‘भारतीय सेना’
कड़ी धूप के कारण टावर पर भूखी-प्यासी बैठी ढाई साल की मासूम बच्ची की जान खतरे में थी। दंपती बार-बार नीचे कूदने की धमकी दे रहा था। शाम होते-होते मौके पर एसपी अनुराग सुजानिया और एएसपी लोकेश सिन्हा पहुंचे।मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एहतियातन सेना की स्पेशल रेस्क्यू टीम को संसाधनों के साथ मौके पर तैनात कर दिया गया। सेना के जवानों ने जैसे ही रेस्क्यू के लिए गियर संभाले, वहां मौजूद लोगों की सांसें अटक गईं। इसी बीच भीम आर्मी के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे और बलराम को समझाने की कोशिश की। सागर में शोले जैसा ड्रामा- ढाई साल की बेटी को लेकर 800 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ा दंपती, रेस्क्यू के लिए बुलानी पड़ी सेना
पुलिस का दावा: परिवार पर दर्ज हैं 13 से ज्यादा मुकदमे
इस पूरे ड्रामे के बीच पुलिस प्रशासन ने बलराम और उसके परिवार का क्रिमिनल रिकॉर्ड भी मीडिया के सामने रखा। पुलिस के मुताबिक बलराम और उसके भाई सूर्या अहिरवार पर साल 2018 से अब तक मारपीट, जमीनों पर अवैध कब्जा करने जैसी गंभीर धाराओं में कुल 13 अपराध दर्ज हैं।बलराम के भाई पर पहले ही जिला बदर (Externment) की कार्रवाई की जा चुकी है। हाल ही में बलराम पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई हुई थी और उसकी पत्नी को नोटिस दिया गया था।इससे पहले भी यह परिवार कलेक्ट्रेट परिसर में आत्मदाह (Self-immolation) करने की कोशिश कर चुका है।
एसपी के आश्वासन के बाद खत्म हुआ 7 घंटे का ‘सस्पेंस’
नीचे खड़े बलराम के भाई और परिजन लगातार मोतीनगर टीआई जसवंत सिंह राजपूत को मौके पर बुलाने और सस्पेंड करने की मांग पर अड़े रहे। आखिरकार, शाम के वक्त सागर एसपी अनुराग सुजानिया ने खुद कमान संभाली। उन्होंने बलराम को फोन पर बेहद संवेदनशीलता से समझाया और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने का ठोस आश्वासन दिया।एसपी के भरोसे के बाद बलराम, अपनी पत्नी और सुरक्षित सलामत बच्ची को लेकर धीरे-धीरे टावर से नीचे उतरा। दंपती के नीचे आते ही पुलिस और सेना के अधिकारियों समेत वहां मौजूद हजारों की भीड़ ने राहत की सांस ली। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है।

