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जबलपुर के रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में शर्मनाक करतूत- रुकी हुई वेतन वृद्धि बहाल करने के बदले डिप्टी रजिस्ट्रार ने मांगी कर्मचारी की वकील पत्नी, पुलिस जांच में जुटी

जबलपुर के रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में शर्मनाक करतूत- रुकी हुई वेतन वृद्धि बहाल करने के बदले डिप्टी रजिस्ट्रार ने मांगी कर्मचारी की वकील पत्नी, पुलिस जांच में जुटी

जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित प्रतिष्ठित रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (रादुवि) का विवादों से पुराना नाता रहा है, लेकिन इस बार जो मामला सामने आया है उसने मानवता और प्रशासनिक पद की गरिमा को पूरी तरह कलंकित कर दिया है। विश्वविद्यालय के एक पीड़ित कर्मचारी ने उपकुलसचिव (डिप्टी रजिस्ट्रार) पर अपनी दो बार की रुकी हुई वेतन वृद्धि (Increment) को बहाल करने के एवज में उसकी पत्नी को सौंपने और अनैतिक संबंध बनाने की मांग का बेहद घिनौना और गंभीर आरोप लगाया है।

पीड़ित कर्मचारी ने इस घिनौनी मांग की लिखित शिकायत विश्वविद्यालय के कुलसचिव (रजिस्ट्रार) के साथ-साथ जबलपुर के सिविल लाइन थाने में दर्ज कराई है। इस मामले के उजागर होते ही विश्वविद्यालय परिसर, कर्मचारी संगठनों और प्रशासनिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रिया और हड़कंप का माहौल है।

वेतन वृद्धि चाहिए, तो पत्नी को लेकर आओ…– डिप्टी रजिस्ट्रार की कथित घिनौनी मांग

पीड़ित कर्मचारी द्वारा पुलिस और रजिस्ट्रार को सौंपी गई शिकायत में लगाए गए आरोप बेहद स्तब्ध करने वाले हैं:

  • क्या है मामला: पीड़ित कर्मचारी की दो बार की वेतन वृद्धि (Salary Increment) रुकी हुई थी, जिसे बहाल कराने के लिए वह लगातार उपकुलसचिव के चक्कर काट रहा था।

  • अश्लील और शर्मनाक टिप्पणी: आरोप के मुताबिक, जब कर्मी अपनी फाइल आगे बढ़ाने की गुहार लगाने गया, तो उपकुलसचिव ने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघते हुए कहा कि अगर वह अपनी रुकी हुई वेतन वृद्धि बहाल करवाना चाहता है, तो इसके एवज में उसे अपनी पत्नी को उनके पास लाना होगा। अधिकारी ने कथित तौर पर यह भी कहा कि उसकी पत्नी अधिवक्ता (वकील) होने के साथ-साथ बेहद सुंदर दिखती है, इसलिए उसके साथ संबंध बनाने में उन्हें अच्छा लगेगा।स्तब्ध रह गया पीड़ित: कर्मचारी ने बताया कि एक इतने बड़े और जिम्मेदार संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के मुंह से ऐसी गंदी और ओछी बात सुनकर वह सुन्न रह गया।

सड़क हादसे के शिकार कर्मचारी को लगा भारी मानसिक आघात

पीड़ित कर्मचारी पहले से ही शारीरिक और पारिवारिक रूप से काफी कठिन दौर से गुजर रहा है, जिससे इस घटना ने उसकी तकलीफ को कई गुना बढ़ा दिया है:

  • शारीरिक अस्वस्थता: कर्मी ने बताया कि कुछ महीने पहले ही उसका एक भीषण सड़क हादसा (Road Accident) हुआ था, जिसमें उसके सिर पर गंभीर चोटें आई थीं। वह अभी तक इस शारीरिक चोट से पूरी तरह उबर भी नहीं पाया है।

  • अवसाद की स्थिति: इस शारीरिक कमजोरी के बीच उपकुलसचिव की इस कथित घिनौनी और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने वाली टिप्पणी ने उसे पूरी तरह तोड़ दिया है। पीड़ित इस वक्त गहरे अवसाद (Depression) और मानसिक आघात की स्थिति में पहुंच गया है।

उपकुलसचिव ने साधी चुप्पी, परिसर में भारी आक्रोश

शिकायत दर्ज होने के बाद जब इस पूरे मामले पर उपकुलसचिव का पक्ष जानने के लिए मीडिया और अन्य माध्यमों से दूरभाष (फोन) पर उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने अपना फोन रिसीव नहीं किया और पूरी तरह चुप्पी साध ली।

दूसरी तरफ, विश्वविद्यालय के कर्मचारी संगठनों और कर्मियों के बीच इस घटना को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है। कर्मचारी संगठनों ने साफ कर दिया है कि यदि इस मामले में पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन ने तुरंत सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई नहीं की, तो वे विश्वविद्यालय के कामकाज को ठप कर उग्र आंदोलन शुरू करेंगे।

 

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