तिलक स्नातकोत्तर महाविद्यालय कटनी में नशा मुक्ति पर संगोष्ठी आयोजित, विद्यार्थियों ने लिया नशे से दूर रहने का संकल्
कटनी। “नशे से दूरी है ज़रूरी” अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय तिलक स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कटनी में नशा मुक्ति विषय पर एक विचारगोष्ठी एवं शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना तथा स्वस्थ, जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना था।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार बाजपेयी के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. माधुरी गर्ग के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में एनसीसी अधिकारी डॉ. सरदार दिवाकर, राष्ट्रीय सेवा योजना के जिला संगठक डॉ. रुक्मणी प्रताप सिंह तथा महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में एनएसएस-एनसीसी के स्वयंसेवक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए डॉ. माधुरी गर्ग ने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज की प्रगति में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहकर अनुशासित जीवन अपनाने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
डॉ. सरदार दिवाकर ने विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के दुष्परिणामों एवं सामाजिक जिम्मेदारियों की जानकारी देते हुए कहा कि यदि आज का युवा नशे से दूरी बनाए रखेगा, तो वही समाज और देश के बेहतर भविष्य की मजबूत नींव बनेगा।
डॉ. रुक्मणी प्रताप सिंह ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहकर खेल, पढ़ाई एवं रचनात्मक गतिविधियों में समय लगाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सभी युवा तंबाकू, सिगरेट एवं अन्य मादक पदार्थों से दूर रहें, क्योंकि नशा मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है और युवाओं में नकारात्मक विचारों को जन्म देता है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।
महाविद्यालय के वरिष्ठतम प्राध्यापक प्रो. डॉ. व्ही. के. द्विवेदी ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि उत्तम चरित्र का निर्माण करना है। नशा युवाओं की प्रतिभा, ऊर्जा और भविष्य को नष्ट करता है। इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी का दायित्व है कि वह स्वयं नशे से दूर रहे तथा अपने परिवार और समाज को भी नशामुक्त बनाने में सक्रिय योगदान दे।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने, दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की शपथ ली। इससे पूर्व महाविद्यालय परिसर एवं आसपास के क्षेत्र में जन-जागरूकता रैली भी निकाली गई, जिसके माध्यम से नशा मुक्ति का संदेश जन-जन तक पहुँचाया गया।
इस अवसर पर डॉ. माधुरी गर्ग, प्रो. डॉ. व्ही. के. द्विवेदी, प्रो. जी. एम. मुस्तफा, श्रीमती ज्योत्सना आठ्या, डॉ. सरदार दिवाकर, डॉ. रुक्मणी प्रताप सिंह, डॉ. शिवेंद्र सिंह,डॉ. विजय कुमार, डॉ. सुशील मिश्रा, आयुष तिवारी, अमित चौधरी, योगेंद्र सोनी तथा धर्मेंद्र सिंह सहित महाविद्यालय परिवार के सदस्य एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन नशामुक्त भारत के संकल्प के साथ हुआ।
