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सायना महाविद्यालय में “Campus to Corporate: Decoding the New Journey” पर सेमिनार का हुआ आयोजन,छात्रों को मिले कॅरियर के नए मंत्र

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सायना महाविद्यालय में “Campus to Corporate: Decoding the New Journey” पर सेमिनार का हुआ आयोजन,छात्रों को मिले कॅरियर के नए मंत्

कटनी। सायना इंटरनेशनल कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज कटनी द्वारा एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती व गणेश जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर सरस्वती वंदना के साथ प्रारंभ किया गया। उक्त सेमिनार में मुख्य वक्ता के रूप में रानी दुर्गावती विश्विद्यालय जबलपुर के मैनेजमेंट विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. आशीष शर्मा एवं, डॉ. नरेंद्र शुक्ला – प्रोफेसर एंड डायरेक्टर, डिपार्टमेंट ऑफ एमबीए, ज्ञानगंगा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस, जबलपुर उपस्थित हुए। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सी. राजेश कुमार द्वारा पुष्प गुच्छ से स्वागत किया गया। इसके पश्चात उद्बोधन की श्रंखला में डॉ. सी.राजेश कुमार द्वारा अतिथियों का स्वागत करते हुए महाविद्यालयीन गतिविधियों व नवाचार के साथ छात्रों के सर्वांगीण विकास हेतु की जा रही गतिविधियों से अवगत कराया। इसके पश्चात डॉ. आशीष शर्मा के द्वारा बताया गया कि इस सेमिनार का मुख्य उद्देश्य महाविद्यालय के छात्रों को अकादमिक जीवन से पेशेवर कॉर्पोरेट जगत में सहज संक्रमण (smooth transition) के लिए आवश्यक कौशल और मानसिकता से परिचित कराना है।*
*इसी क्रम में उद्बोधन की श्रृंखला में डॉ. नरेंद्र शुक्ला ने कहा कि भारत का 5 ट्रिलियन-डॉलर अर्थव्यवस्था की ओर सफर व विकास लक्ष्य पर फोकस किया। भारत आने वाले वर्षों में 5 ट्रिलियन-डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य की ओर महत्वपूर्ण कदम बढ़ा रहा है एवं विनिर्माण व निर्यात में सरकार के मेक इन इंडिया और उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) कार्यक्रमों का सकारात्मक प्रभाव दिखने लगा है। इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, ऑटोमोबाइल और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में उत्पादन में तेजी आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि निर्यात में लगातार बढ़ोतरी भारत के लिए आर्थिक विस्तार का अहम आधार बनेगी। साथ ही डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन सेवाओं और स्टार्टअप इकोसिस्टम के विस्तार ने भारतीय अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा का संचार किया है। UPI और डिजिटल प्लेटफॉर्म के व्यापक उपयोग से आर्थिक लेन-देन में पारदर्शिता और गति दोनों में बढ़ोतरी हुई है। कार्यक्रम के अंत मे विशेषज्ञों द्वारा छात्रों से प्रशन व उनके उनकी जिज्ञासा को दूर किया। इस अवसर पर डॉ. सी.ए. लियोनी, प्रो. आर. अबिरामी,यशिका तिवारी, शरद यादव, अरुण उरमलिया, हीरालाल केवट,शोभित त्रिपाठी, मेघना ओटवानी, दोलन रॉय, रुचिता लूनावत,संगीता मिश्रा, श्वेता चांदवानी, अशोक मिश्रा, प्रशांत सोनी के साथ समस्त छात्र/छात्राओं की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन श्वेता चांदवानी व आभार प्रदर्शन शरद यादव के द्वारा किया गया।

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