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School Ki Chhutti: भारी बारिश के चलते स्कूलों में अवकाश घोषित

School Ki Chhutti: भारी बारिश के चलते स्कूलों में अवकाश घोषित जबलपुर में भारी बारिश के चलते स्कूली बच्चों का अवकाश घोषित कर दिया गया है। अचानक से मिले दो दिन के अवकाश से बच्चों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। शनिवार के बाद रविवार होने से तीन दिन का अवकाश पाकर बच्चों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

शुक्रवार को पूरे दिन मम्मियों से अलग-अलग व्यंजनों की डिमांड रही। किसी ने घर पर लजीज व चटपटे व्यंजनों का लुत्फ उठाया, तो किसी ने मां-पापा के साथ होटलिंग की। जहां कपल आउटिंग करने बरगी डेम पहुंचे तो कुछ लोगों ने परिवार के सदस्यों के साथ एंजाय किया। शुक्रवार को कक्षा पहली से बारहवीं तक शासकीय तथा अशासकीय स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है, जिसके चलते बच्चों ने घर पर एंजाय किया। शुक्रवार, शनिवार और रविवार लगातार तीन दिन की छुट्टी मिलने से बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे।

 

दिनभर चला फरमाईशी प्रोग्राम

रुचि नंदनवार ने बताया कि बारिश के कारण बच्चों के स्कूल में छुट्टी दी गई। दिनभर बच्चों ने घर पर धमाल मचाया। घर से बाहर जाने के लिए मना कर दिया था, तो कालोनी के फेंड्स को घर पर बुला लिया। पढ़ाई करने के बाद उनका फरमाईशी प्रोग्राम चलता रहा। किसी को मैगी चाहिए था,तो किसी को चिप्स चाहिए। पूरा दिन बच्चों ने घर पर एंजाय किया। बारिश के कारण हमारी किटी भी कैंसिल हो गई। बच्चों की मस्ती देखकर मुझे भी बचपन के दिन याद आ गए। जब अचानक से स्कूल से छुट्टी मिल जाए तो मजा ही कुछ और होता है। शाम को पापा के साथ होटल जाने का प्लान भी बनाया है।

बारिश में बरगी डेम का नजारा देखने आए

हिमानी अग्रवाल ने बताया कि बारिश के मौसम में बरगी डेम का नजारा मन को भा जाता है। बरगी के गेट खुलने के बाद अलग ही आनंद आता है। शुक्रवार का पूरा दिन बरगी डेम में एंजाय किया। रास्तें में भुट्टे खाकर इसका मजा चारगुना बढ़ गया। सड़क किनारें भुट्टे की सौंधी खुशुब से मुंह में पानी आ गया। बरगी डेम के खूबसूरत नजारे की सेल्फी लेकर इंटरनेट मीडिया पर अपडेट भी की। लेकिन सेल्फी लेते समय सावधानी बरती। कई बार सेल्फी के कारण दुर्घटना भी हुई है। गेट को सिर्फ दूर से देखा, पानी के नजदीक नहीं गए। बारिश के मौसम में ग्वारीघाट, भेड़ाघाट और बरगी का नजारा देखने लायक होता है।

सुबह से होटल का बन गया था प्लान

रजनी शिवहरे ने बताया कि आज बच्चों की तो छुट्टी थी, लेकिन आफिस में छुट्टी नहीं थी। सुबह ही बेटा और बेटी ने पापा को शाम को होटल जाने के लिए कह दिया था। लेकिन मैने बच्चों को पढ़ाई का टास्क दिया था। टास्क पूरा होने के बाद ही उन्हें होटल जाने की परमीशन थी। बच्चों ने शाम के पहले ही पढ़ाई का टास्क पूरा कर लिया। शाम होते ही अपने पापा को जल्दी घर आने के लिए फोन लगाया। शाम को होटल पहुंचकर अपने पसंदीदा व्यंजनों का लुत्फ उठाया। आज स्कूल बंद रहने का मैसेज देखकर बच्चें खुशी से झूम उठे। लगातार तीन दिन की छुट्टी पाकर उनके चेहरे खुशी से खिल उठे।

सिर्फ छुट्टी नहीं होमवर्क भी

अश्लेषा सेन ने कहा कि शुक्रवार, शनिवार के दो दिन की छुट्टी के बाद तीसरे दिन रविवार की छुट्टी भी मिल गई। लेकिन स्कूल की तरफ से होमवर्क भी भेज दिया गया। बेटी की ट्यूशन कालोनी में ही है। वो ट्यूशन जाने को भी तैयार नहीं हुई। उसका कहना है, कि स्कूल में छुट्टी मिली तो ट्यूशन में भी मिलनी चाहिए। तीन दिन की छुट्टी के बाद बहुत सारा होमवर्क भी दिया गया। साथ ही क्राफ्ट वर्क में भी बहुत सारी करनी को दी गई।

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