- पहला सोमवार 14 जुलाई को
- दूसरा सोमवार 21 जुलाई को
- तीसरा सोमवार 28 जुलाई को
- चौथा सोमवार 4 अगस्त को
ऐसे करें जलाभिषेक
शिव जी की पूजा के लिए प्रदोष काल बहुत शुभ होता है। भक्तों को जलाभिषेक ब्रह्म मुहूर्त से लेकर 11 बजे तक कर देना चाहिए। उसके बाद करने पर लाभ नहीं मिलता है।
- जलाभिषेक के दौरान सही दिशा का ध्यान रखना चाहिए। आपको पूर्व या ईशान कोण की ओर मुख करके बैठना चाहिए।
- जलाभिषेक करने के दौरान खड़ा नहीं होना चाहिए। हमेशा बैठकर ही शिवलिंग पर जलाभिषेक करें।
- जलाभिषेक के लिए तांबे के लौटे का उपयोग करें। इस दौरान पतली धारा के साथ धीरे-धीरे कर शिवलिंग पर जल चढ़ाएं।
- इस दौरान “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करते रहना चाहिए। उसके बाद बाद प्रभु को बेलपत्र अर्पित करें।
- भगवान शिव की आरती करने के बाद भोग लगा दें। प्रसाद का सभी को वितरण करें।