होर्मुज स्ट्रेट संकट के बीच भारत के जहाजों की सुरक्षित वापसी, एलपीजी और कच्चे तेल के टैंकर पहुंचे देश
होर्मुज स्ट्रेट संकट के बीच भारत के जहाजों की सुरक्षित वापसी, एलपीजी और कच्चे तेल के टैंकर पहुंचे देश
नई दिल्ली/खाड़ी क्षेत्र: होर्मुज स्ट्रेट संकट के बीच भारत के जहाजों की सुरक्षित वापसी, एलपीजी और कच्चे तेल के टैंकर पहुंचे देश, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच Strait of Hormuz को लेकर स्थिति अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार के लिए चिंता का विषय बनी रही। यह मार्ग दुनिया के कच्चे तेल और एलपीजी का एक महत्वपूर्ण ट्रांजिट प्वाइंट माना जाता है।
होर्मुज स्ट्रेट संकट के बीच भारत के जहाजों की सुरक्षित वापसी, एलपीजी और कच्चे तेल के टैंकर पहुंचे देश
रिपोर्ट्स के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र में भारतीय झंडे वाले 28 जहाज प्रभावित हुए थे। इनमें एलपीजी, कच्चा तेल, कंटेनर और अन्य मालवाहक जहाज शामिल थे। हालांकि अब इनमें से कई जहाज सुरक्षित रूप से भारत की ओर बढ़ रहे हैं।
भारत पहुंचे जहाज
एलपीजी टैंकर शिवालिक और नंदा देवी भारत पहुंच चुके हैं। इन दोनों जहाजों में लगभग 92,700 मीट्रिक टन एलपीजी है। इनके आगमन से घरेलू गैस आपूर्ति को राहत मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा क्रूड ऑयल टैंकर जग लाडकी, ऑयल/केमिकल टैंकर जग प्रकाश और अन्य जहाज भी होर्मुज मार्ग पार कर चुके हैं या जल्द भारत पहुंचने वाले हैं।
नौसेना की भूमिका
भारतीय व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए भारतीय नौसेना सक्रिय है। क्षेत्र में युद्धपोतों की तैनाती और एस्कॉर्ट ऑपरेशन के जरिए जहाजों को सुरक्षित मार्ग प्रदान किया जा रहा है।
ऊर्जा आपूर्ति का महत्व
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक ऊर्जा परिवहन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यहां किसी भी तरह की रुकावट अंतरराष्ट्रीय तेल और गैस आपूर्ति पर सीधा प्रभाव डाल सकती है।
घरेलू स्थिति
ऊर्जा आपूर्ति पर संभावित असर को देखते हुए सरकार और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, समुद्री मार्गों की सुरक्षा और वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों की व्यवस्था बेहद अहम है।








