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कुर्बानी तो होगी ही, कोई नहीं रोक सकता… बकरीद से पहले हुमायूं कबीर के बयान से बंगाल की सियासत में भूचाल

कुर्बानी तो होगी ही, कोई नहीं रोक सकता… बकरीद से पहले हुमायूं कबीर के बयान से बंगाल की सियासत में भूचाल। पश्चिम बंगाल में आगामी मुस्लिम पर्व बकरीद से पहले एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। हाल ही में तृणमूल कांग्रेस (TMC) से अलग होकर अपनी नई पार्टी बनाने वाले आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के चीफ और विधायक हुमायूं कबीर ने पशुओं की कुर्बानी को लेकर बेहद आक्रामक और विवादास्पद बयान दिया है। हुमायूं कबीर ने दावा किया है कि दुनिया की कोई भी ताकत या सरकार इस बार होने वाली कुर्बानी को नहीं रोक सकती है।

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कुर्बानी तो होगी ही, कोई नहीं रोक सकता… बकरीद से पहले हुमायूं कबीर के बयान से बंगाल की सियासत में भूचाल

1400 साल से चली आ रही प्रथा दुनिया रहने तक जारी रहेगी

मीडिया से बातचीत करते हुए हुमायूं कबीर ने सरकार की ओर से आने वाले बयानों और निर्देशों को सीधे तौर पर चुनौती दी। उन्होंने कहा:

“कुर्बानी तो 1400 साल पहले से हो रही है और जितने दिन तक यह दुनिया कायम रहेगी, तब तक कुर्बानी होती रहेगी। अगर कोई इसे मना भी करेगा, तो उसकी बात को कोई नहीं सुनेगा। सत्ता में चाहे जो आ गया हो, लोग वोट देकर सरकार चला रहे हैं, यह ठीक है। लेकिन हमारा साफ कहना है कि कुर्बानी होकर रहेगी।”

गाय समेत इन पशुओं की कुर्बानी का किया दावा

हुमायूं कबीर ने गाय की कुर्बानी को लेकर उठ रहे सवालों पर सीधे तौर पर टिप्पणी की। उन्होंने अपने बयान में कहा कि जो भी पशु धार्मिक रूप से जायज हैं, उन सभी की कुर्बानी दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट रूप से नाम लेते हुए कहा, “गाय की भी कुर्बानी होगी, बकरी की भी होगी, ऊंट और दुम्बा की भी होगी। इसे कोई भी रोक नहीं सकता है।” कबीर का यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य के कई धार्मिक और राजनीतिक हलकों से शांतिपूर्ण और नियमों के तहत त्योहार मनाने की अपील की जा रही है।

कौन हैं हुमायूं कबीर? (Who is Humayun Kabir)

हुमायूं कबीर पश्चिम बंगाल की राजनीति का एक बेहद चर्चित और विवादित चेहरा रहे हैं।

  • TMC से हुए थे सस्पेंड: दिसंबर 2025 में मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की तर्ज पर एक नई मस्जिद बनाने का ऐलान करने के बाद ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने उन्हें पार्टी से सस्पेंड (निष्कासित) कर दिया था।

  • नई पार्टी का गठन और जीत: टीएमसी से निकाले जाने के बाद कबीर ने आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) का गठन किया। हालिया चुनावों में उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सबको चौंका दिया।

  • दो सीटों पर दर्ज की थी जीत: हुमायूं कबीर ने एक साथ दो विधानसभा सीटों— रेजीनगर (Rejinagar) और नौदा (Naoda) से चुनाव लड़ा और दोनों ही सीटों पर बंपर जीत हासिल की (बाद में उन्होंने नौदा सीट अपने पास रखी)।

बकरीद से ठीक पहले आए उनके इस कड़े बयान ने बंगाल में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग को तेज कर दिया है, और आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक ध्रुवीकरण और बढ़ने के आसार हैं। कुर्बानी तो होगी ही, कोई नहीं रोक सकता… बकरीद से पहले हुमायूं कबीर के बयान से बंगाल की सियासत में भूचाल

Usha Pamnani

20 वर्षों से डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया की पत्रकारिता में देश-विदेश, फ़िल्म, खेल सहित सामाजिक खबरों की एक्सपर्ट, वर्तमान में यशभारत डॉट कॉम में वरिष्ठ जिला प्रतिनिधि