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yber Sextortion: राजधानी के वकील को अज्ञात नंबर से भेजा अश्लील वीडियो, ₹50,000 न देने पर सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी; केस दर्ज

yber Sextortion: राजधानी के वकील को अज्ञात नंबर से भेजा अश्लील वीडियो, ₹50,000 न देने पर सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी; केस दर्ज। देश में पैर पसार रहे साइबर अपराधियों ने अब कानून के रखवालों को भी अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है। शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में रहने वाले एक प्रतिष्ठित वकील के साथ ‘साइबर सेक्सटॉर्शन’ और ब्लैकमेलिंग का सनसनीखेज मामला सामने आया है। अज्ञात बदमाशों ने वकील को उनके मोबाइल पर एक अश्लील वीडियो भेजकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी और 50 हजार रुपये की मोटी रकम की मांग की।

पीड़ित एडवोकेट की सूझबूझ और लिखित शिकायत के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

एक मिस्ड कॉल से शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का खेल

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पंडरी स्थित अशोका विहार कॉलोनी के निवासी कृष्ण कुमार त्रिपाठी पेशे से वकील हैं। उन्होंने थाने में दर्ज कराई अपनी शिकायत में बताया कि:

  • 20 मई की शाम (5:27 बजे): उनके पर्सनल मोबाइल नंबर पर एक अज्ञात नंबर से मिस्ड कॉल आया।

  • कॉल बैक करते ही जाल में फंसाया: जब वकील ने उस नंबर पर वापस कॉल किया, तो सामने वाले व्यक्ति ने सामान्य बात करते हुए एक वीडियो भेजने की बात कही।

  • अश्लील वीडियो देख उड़े होश: फोन कटने के कुछ ही देर बाद एक दूसरे अज्ञात मोबाइल नंबर से वकील के वॉट्सऐप पर एक बेहद आपत्तिजनक और अश्लील वीडियो भेजा गया, जिसे देखकर वह हैरान रह गए।

₹50 हजार दो, नहीं तो इंटरनेट पर कर देंगे वायरल

वीडियो भेजने के तुरंत बाद साइबर ठगों ने वकील को दोबारा फोन किया और सीधे तौर पर रंगदारी (Extortion) मांगी। आरोपी ने धमकी दी कि यदि तुरंत ₹50,000 नहीं ट्रांसफर किए गए, तो इस अश्लील वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और उनके रिश्तेदारों के बीच वायरल कर दिया जाएगा, जिससे समाज में उनकी बदनामी होगी।

वकील ने दिखाई हिम्मत, झुके नहीं: पीड़ित वकील कृष्ण कुमार त्रिपाठी ने बिना डरे अपराधियों की मांग को खारिज कर दिया। उन्होंने ठगों को दो टूक कहा कि इस वीडियो या इसमें दिख रही चीजों से उनका कोई लेना-देना नहीं है। इसके बाद भी आरोपियों ने लगातार फोन कर उन्हें प्रताड़ित करना जारी रखा, जिसके बाद मामला पुलिस के पास पहुंचा।

साइबर सेल की मदद से नंबर ट्रैक कर रही है पुलिस

सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आईटी एक्ट और उगाही की धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। शुरुआती जांच में इसे डिजिटल एक्सटॉर्शन (Digital Extortion) और साइबर ब्लैकमेलिंग का सुनियोजित मामला माना जा रहा है। पुलिस की साइबर विंग अब उन दोनों मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल (CDR), आईपी एड्रेस और लोकेशन को ट्रेस करने में जुटी है, जिनके जरिए इस वारदात को अंजाम दिया गया।

सावधानी ही बचाव है: साइबर एक्सपर्ट्स के अनुसार, आजकल एआई (AI) और फॉल्स वीडियो कॉल्स के जरिए लोगों के चेहरे का गलत इस्तेमाल कर अश्लील फोटो/वीडियो बनाए जा रहे हैं। यदि आपके पास भी ऐसा कोई अज्ञात कॉल या वीडियो आता है, तो पैसे देने के बजाय तुरंत नजदीकी थाने या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।

Usha Pamnani

20 वर्षों से डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया की पत्रकारिता में देश-विदेश, फ़िल्म, खेल सहित सामाजिक खबरों की एक्सपर्ट, वर्तमान में यशभारत डॉट कॉम में वरिष्ठ जिला प्रतिनिधि