Rupee vs Dollar: डॉलर के ‘नहले पर रुपए का दहला- 41 पैसे की ऐतिहासिक मजबूती के साथ पस्त हुई अमेरिकी करेंसी, जानें बाजी पलटने की 4 बड़ी वजहें
मुंबई: Rupee vs Dollar: डॉलर के ‘नहले पर रुपए का दहला- 41 पैसे की ऐतिहासिक मजबूती के साथ पस्त हुई अमेरिकी करेंसी, जानें बाजी पलटने की 4 बड़ी वजहें। लगातार 9 दिनों से रिकॉर्ड गिरावट का सामना कर रहे भारतीय रुपए ने 10वें दिन जबरदस्त वापसी की है। गुरुवार को विदेशी मुद्रा बाजार खुलते ही रुपए में भारी लिवाली (Buying) देखी गई, जिससे यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 41 पैसे मजबूत होकर 96.45 के स्तर पर आ गया। एक दिन पहले ही बुधवार को रुपया अपने ऑल-टाइम लोअर लेवल (96.86) पर बंद हुआ था और कारोबार के दौरान 96.95 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक चला गया था।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि 97 के आंकड़े के बेहद करीब पहुंच चुके डॉलर का दंभ आखिरकार टूट गया है और भारतीय करेंसी एक बार फिर मजबूती से खड़ी दिखाई दे रही है।
रुपए की मजबूती और बाजी पलटने के 4 मुख्य कारण:
1. ईरान के साथ शांतिवार्ता और ‘ट्रंप’ संकेत
वैश्विक मोर्चे पर सबसे बड़ी राहत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान से मिली है, जिसमें उन्होंने संकेत दिया है कि ईरान के साथ शांतिवार्ता अपने अंतिम दौर में प्रवेश कर रही है। ट्रंप ने कतर और यूएई (UAE) जैसे अरब देशों के अनुरोध पर ईरान पर होने वाले हमलों को फिलहाल टाल दिया है। इस भू-राजनीतिक (Geo-Political) नरमी से बाजार का सेंटिमेंट सुधरा है।
2. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने के संकेतों के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गई हैं। फिलहाल खाड़ी देशों का कच्चा तेल वायदा कारोबार में 105.77 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। क्रूड ऑयल का सस्ता होना भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए वरदान साबित हुआ है।
3. RBI द्वारा ब्याज दरें (Rate Hike) बढ़ाने के संकेत
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा विनिमय दर में उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी समेत अन्य कड़े कदम उठाने के संकेत दिए गए हैं। आरबीआई की तरलता (Liquidity) सहायता नीति ने निकट भविष्य के लिए निवेशकों को अस्थायी राहत दी है।
4. शेयर बाजार में शुरुआती बूम
घरेलू शेयर बाजार में आज सुबह से ही रौनक देखी गई। शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स 327.74 अंकों की बढ़त के साथ 75,646.13 पर पहुंच गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 111.75 अंक चढ़कर 23,772.05 पर कारोबार कर रहा था। हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने बुधवार को नेट आधार पर 1,597.35 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, लेकिन घरेलू लिवाली ने बाजार को संभाल लिया।
क्या रुपया और होगा मजबूत? एक्सपर्ट की राय
प्रसिद्ध फॉरेक्स फर्म ‘CR Forex Advisors’ के एमडी अमित पबारी के अनुसार, तकनीकी नजरिए से देखें तो USDINR (डॉलर-रुपया) के लिए 97.00 का स्तर एक तत्काल प्रतिरोध क्षेत्र (Resistance Area) के रूप में काम कर रहा है। जब तक रुपया इसके नीचे है, तब तक बड़ी गिरावट की आशंका कम है।
पबारी ने कहा कि आने वाले दिनों में रुपए को 95.50 से 95.80 के स्तर के आसपास मजबूत समर्थन (Support) मिल सकता है। हालांकि, उन्होंने आगाह भी किया कि जब तक वैश्विक स्तर पर जियो-पॉलिटिकल तनाव पूरी तरह खत्म नहीं होता, तब तक रुपए पर व्यापक दबाव बना रहेगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति और नेतन्याहू के बीच ‘तीखी बहस’
इस बीच अमेरिकी मीडिया आउटलेट Axios की एक रिपोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय हलकों में खलबली मचा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच फोन पर काफी तीखी बातचीत हुई है। नेतन्याहू इस बात से “बेहद गुस्से में” थे कि वाशिंगटन (अमेरिका) ईरान पर दोबारा हमले शुरू करने के बजाय समझौते के पक्ष में दिख रहा है। नेतन्याहू का मानना था कि हमलों के जरिए ईरान के बुनियादी ढांचे को नष्ट कर वहां की सरकार को कमजोर किया जाए, जबकि ट्रंप शांति वार्ता को प्राथमिकता दे रहे हैं।

