Wednesday, May 20, 2026
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बागेश्वर धाम में रस्म और मंदिर में शादी के 4 दिन बाद अस्पताल से फरार हुई ‘लुटेरी दुल्हन’

छतरपुर। बागेश्वर धाम में रस्म और मंदिर में शादी के 4 दिन बाद अस्पताल से फरार हुई ‘लुटेरी दुल्हन’। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में दलालों के जरिए शादी रचाने के बाद ठगी का एक बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बिजावर निवासी एक युवक से डेढ़ लाख रुपये ऐंठकर दलालों ने उड़ीसा की लड़की से उसकी शादी कराई थी। लेकिन शादी के महज चार दिन बाद ही नई-नवेली दुल्हन बीमारी का बहाना बनाकर जिला अस्पताल में भर्ती हुई और वहां से चकमा देकर फरार हो गई। पीड़ित दूल्हे ने इस धोखाधड़ी की शिकायत सिटी कोतवाली थाने में दर्ज कराई है।

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बागेश्वर धाम में रस्म और मंदिर में शादी के 4 दिन बाद अस्पताल से फरार हुई ‘लुटेरी दुल्हन’

दलालों ने दिखाईं 3 लड़कियां, ₹1.5 लाख में तय हुआ सौदा

पीड़ित सोनू पाठक (उम्र 35 वर्ष, निवासी बिजावर) द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, उड़ीसा के संबलपुर निवासी काशीराम पल्लवी नामक एक दलाल ने उसे शादी करवाने का झांसा दिया था। दलाल ने सोनू को शादी के लिए तीन लड़कियां दिखाईं, जिनमें से सोनू को मनीषा नाम की युवती पसंद आ गई। इसके एवज में दलाल ने पीड़ित पक्ष से डेढ़ लाख रुपये की रकम ऐंठ ली।

बागेश्वर धाम में रस्म और नरसिंह मंदिर में हुई शादी

तय सौदे के मुताबिक, बीते 13 मई को सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल बागेश्वर धाम में दोनों पक्षों की मौजूदगी में ‘मुंह दिखाई’ की रस्म पूरी की गई। इसके अगले ही दिन यानी 14 मई को छतरपुर स्थित प्रसिद्ध नरसिंह मंदिर में पूरे रीति-रिवाज और रस्मों के साथ सोनू पाठक और मनीषा का विवाह संपन्न हुआ। दुल्हन के गृह प्रवेश पर सोनू के घर में खुशियां मनाई गईं और मिठाइयां बांटी गईं।

सुहागरात के अगले ही दिन ‘बीमारी’ का नाटक, अस्पताल से फरार

ठगी की यह स्क्रिप्ट बेहद शातिराना ढंग से लिखी गई थी। 16 मई को सुहागरात के अगले दिन सुबह नवविवाहिता मनीषा ने अचानक शरीर में कमजोरी और घबराहट होने की बात कही। दुल्हन की तबीयत बिगड़ती देख परेशान पति और ससुराल वालों ने उसे 18 मई को इलाज के लिए जिला अस्पताल छतरपुर में भर्ती कराया।

अस्पताल में उपचार के दौरान शातिर दुल्हन ने अपने पति से बाथरूम जाने की बात कही। जब वह काफी देर तक वापस नहीं लौटी, तो पति ने उसकी तलाश शुरू की। पूरे अस्पताल परिसर में ढूंढने के बाद भी जब मनीषा का कहीं सुराग नहीं मिला, तब सोनू को अहसास हुआ कि वह एक सुनियोजित ठगी (शादी के नाम पर धोखाधड़ी) का शिकार हो चुका है।

पुलिस जांच में जुटी

अस्पताल से दुल्हन के गायब होने के बाद पीड़ित सोनू पाठक ने तुरंत सिटी कोतवाली छतरपुर पहुंचकर दलाल और कथित पत्नी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और अस्पताल के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगालने के साथ-साथ उड़ीसा के उस गिरोह और दलालों की तलाश शुरू कर दी है जो पैसों के बदले शादियां कराकर लड़कों को लूटते हैं।

Usha Pamnani

20 वर्षों से डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया की पत्रकारिता में देश-विदेश, फ़िल्म, खेल सहित सामाजिक खबरों की एक्सपर्ट, वर्तमान में यशभारत डॉट कॉम में वरिष्ठ जिला प्रतिनिधि