Wednesday, May 20, 2026
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Operation Muskan: सिंगरौली पुलिस ने36 घंटे में झारखंड से सकुशल मुक्त कराई 2 वर्षीय अपहृत मासूम, 150 पुलिसकर्मी और 200 CCTV फुटेज खंगालने के बाद मिली सफलता

Operation Muskan: सिंगरौली पुलिस ने36 घंटे में झारखंड से सकुशल मुक्त कराई 2 वर्षीय अपहृत मासूम, 150 पुलिसकर्मी और 200 CCTV फुटेज खंगालने के बाद मिली सफलता। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले से पुलिस की संवेदनशीलता, तत्परता और आधुनिक तकनीकी दक्षता की एक बेहद सराहनीय तस्वीर सामने आई है। पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा के निर्देशानुसार चलाए जा रहे “मुस्कान अभियान” के तहत सिंगरौली पुलिस ने एक अभूतपूर्व ऑपरेशन चलाया।

Operation Muskan: सिंगरौली पुलिस ने36 घंटे में झारखंड से सकुशल मुक्त कराई 2 वर्षीय अपहृत मासूम, 150 पुलिसकर्मी और 200 CCTV फुटेज खंगालने के बाद मिली सफलता

महज 36 घंटे के भीतर पुलिस की विशेष टीमों ने पड़ोसी राज्य झारखंड के लातेहार जिले से एक 2 वर्षीय अपहृत बालिका को सकुशल दस्तयाब (मुक्त) कर लिया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से जहां पीड़ित परिवार के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है, वहीं आमजन में खाकी के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है। इसिंगरौली पुलिस का बड़ा ऑपरेशन: 36 घंटे में झारखंड से सकुशल मुक्त कराई 2 वर्षीय अपहृत मासूम, 150 पुलिसकर्मी और 200 CCTV फुटेज खंगालने के बाद मिली सफलता

बस स्टैंड से सोते समय चोरी हो गई थी मासूम

यह पूरा मामला 16 मई का है, जब एक व्यथित फरियादी ने बैढ़न थाने में शिकायत दर्ज कराई कि वह अपनी 2 साल की बेटी के साथ बैढ़न बस स्टैंड पर सोया हुआ था। देर रात जब उसकी आंख खुली, तो उसकी मासूम बच्ची वहां से गायब थी। आसपास काफी खोजबीन करने के बाद भी जब बच्ची का कुछ पता नहीं चला, तो पीड़ित पिता ने किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बच्ची को बहला-फुसलाकर अगवा करने की आशंका जताई। मामले की गंभीरता को भांपते हुए थाना बैढ़न में तत्काल अपहरण का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।

एसपी का बड़ा एक्शन: गठित हुई SIT, ₹10 हजार का इनाम घोषित

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) सिंगरौली, श्री षियाज के.एम. ने तुरंत एक विशेष एसआईटी (SIT) का गठन किया। उप पुलिस अधीक्षक सुश्री रोशनी पटेल के नेतृत्व में थाना और चौकी प्रभारियों को मिलाकर लगभग 150 पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों की 10 विशेष टीमें बनाई गईं। इसके साथ ही एसपी द्वारा आरोपी और बच्ची का सुराग देने वाले को 10 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा भी की गई।

इस तरह बुना गया सफलता का ताना-बाना (ऑपरेशन के मुख्य बिंदु):

  • रेडियो अलर्ट: सीमावर्ती राज्यों (उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड) और मध्य प्रदेश के अन्य जिलों को तुरंत वायरलेस संदेश जारी किए गए।

  • सघन चेकिंग: रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, अस्पतालों, डैम, नदियों और सुनसान इलाकों में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। ऑटो और बसों में बच्ची के पोस्टर चिपकाए गए।

  • 200 CCTV कैमरों का जाल: पुलिस की तकनीकी टीम ने बैढ़न और आसपास के क्षेत्रों के करीब 200 सीसीटीवी फुटेज खंगाले।

तकनीकी विश्लेषण से झारखंड पहुंचा सुराग

सीसीटीवी फुटेज के गहन विश्लेषण के दौरान पुलिस को एक संदिग्ध व्यक्ति बैढ़न से बिलौजी और फिर माजन मोड़ की तरफ बच्ची को ले जाता हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए संबंधित रूट के बस चालकों, परिचालकों और ऑटो ड्राइवरों से कड़ी पूछताछ की।

इस पूछताछ और तकनीकी एनालिसिस से पुलिस को आरोपी का सटीक ठिकाना मिल गया। आरोपी की पहचान ग्राम मासीआतो, थाना बालूमार, जिला लातेहार (झारखंड) के निवासी के रूप में हुई, जो वारदात के बाद बच्ची को लेकर अपने गांव भाग गया था।

झारखंड में दबिश और गिरफ्तारी

सटीक लोकेशन मिलते ही सिंगरौली पुलिस की विशेष टीम तुरंत झारखंड के लिए रवाना हुई। स्थानीय इनपुट की मदद से पुलिस ने आरोपी के घर पर घेराबंदी कर दबिश दी और आरोपी को धर दबोचा। पुलिस ने 2 वर्षीय मासूम को उसके चंगुल से पूरी तरह सकुशल और सुरक्षित छुड़ा लिया। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद मासूम को सिंगरौली लाकर उसके रोते-बिलखते माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया है।

मध्य प्रदेश पुलिस की अपील: > पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई भी बच्चा या बच्ची संदिग्ध परिस्थितियों में अकेले दिखाई दे, तो तुरंत नजदीकी थाने या डायल-112 पर सूचना दें। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए पुलिस का यह संकल्प निरंतर जारी रहेगा।

Usha Pamnani

20 वर्षों से डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया की पत्रकारिता में देश-विदेश, फ़िल्म, खेल सहित सामाजिक खबरों की एक्सपर्ट, वर्तमान में यशभारत डॉट कॉम में वरिष्ठ जिला प्रतिनिधि