Resignation Of HC Judge: हाई कोर्ट के जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय का इस्तीफा,।इस्तीफा देने से पहले अभिजीत गंगोपाध्याय ने सोमवार को कहा कि उन्होंने न्यायाधीश के रूप में अपना काम पूरा कर लिया है। हालांकि, इस दौरान कुछ वकीलों ने उनसे इस्तीफा देने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया था।
इस्तीफा देने से पहले अभिजीत गंगोपाध्याय ने सोमवार को कहा कि उन्होंने न्यायाधीश के रूप में अपना काम पूरा कर लिया है। हालांकि, इस दौरान कुछ वकीलों ने उनसे इस्तीफा देने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया था।
राजनीति में रखेंगे कदम
सोमवार को न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय ने कहा, “अदालत में एक न्यायाधीश उन मामलों से निपटता है जो उसके सामने आते हैं, वो भी अगर कोई व्यक्ति मामला दायर करता है तो। लेकिन जितना मैंने देखा और महसूस किया है हमारे देश में और हमारे राज्य पश्चिम बंगाल में भी बड़ी संख्या में बहुत असहाय लोग हैं। इसलिए मैंने सोचा है कि केवल राजनीतिक क्षेत्र ही उन लोगों को उनके लिए कार्य करने का मौका दे सकता है जो उन असहाय लोगों के संबंध में कदम उठाना चाहते हैं।”
उनके इस्तीफे की खबर के बाद अटकलें लगाई जा रही थीं कि वह राजनीतिक क्षेत्र में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, अब उनके बयान से साफ हो गया है कि वह राजनीति का ही हिस्सा बनने जा रहे हैं।
2018 में कलकत्ता हाई कोर्ट न्यायाधीश के तौर पर हुई थी नियुक्ति
जस्टिस गंगोपाध्याय वही हैं, जिन्होंने कभी सीबीआई को जांच की धीमी गति पर फटकार लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिकायत की बात कही थी। वह हमेशा सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के निशाने पर रहे। वह अन्याय के खिलाफ लड़ने वाले न्यायाधीश के रूप में जाने जाते हैं। कांग्रेस हो, सीपीएम हो या भाजपा। किसी भी राजनीतिक पार्टी को उन्हें लेकर परहेज नहीं है। सभी उनके स्वागत के लिए तैयार हैं। हाजरा कॉलेज, से लॉ की पढ़ाई करने वाले न्यायाधीश गांगुली राज्य सेवा के अधिकारी भी रहे चुके हैं। 61 वर्ष के गांगुली 2018 में कलकाता हाईकोर्ट में बतौर न्यायाधीश नियुक्त हुए थे। 2020 में उनकी नियुक्ति स्थायी हुई थी।
