RBI Action: डॉलर-रुपया स्वैप नीलामी को मिला बंपर रिस्पांस; ₹96.96 के रिकॉर्ड निचले स्तर से रुपये को उबारने के लिए रिजर्व बैंक का बड़ा दांव

RBI Action: डॉलर-रुपया स्वैप नीलामी को मिला बंपर रिस्पांस; ₹96.96 के रिकॉर्ड निचले स्तर से रुपये को उबारने के लिए रिजर्व बैंक का बड़ा दांव

मुंबई: भारतीय मुद्रा (रुपये) में जारी रिकॉर्ड गिरावट और बैंकिंग सिस्टम में नकदी के संतुलन को बनाए रखने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मंगलवार को एक बड़ी डॉलर/रुपया खरीद/बिक्री स्वैप (Dollar-Rupee Swap) नीलामी आयोजित की। इस नीलामी को बाजार से जबरदस्त रिस्पांस मिला है, जिसमें घोषित राशि से लगभग दोगुनी बोलियां (Bids) प्राप्त हुईं।

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RBI द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, केंद्रीय बैंक को कुल 9.80 बिलियन डॉलर की बोलियां मिलीं, लेकिन उसने पूर्व घोषित 5 बिलियन डॉलर की सीमा के तहत 910 पैसे के कट-ऑफ प्रीमियम पर केवल 5 बिलियन डॉलर की बोलियां ही स्वीकार कीं।

 नीलामी के मुख्य आंकड़े (बिड-टू-कवर रेशियो 1.96)

इस पूरी नीलामी प्रक्रिया का वित्तीय लेखा-जोखा इस प्रकार रहा:

 दो चरणों में पूरा होगा स्वैप लेन-देन (3 साल की अवधि)

रिजर्व बैंक ने इस स्वैप डील को दो चरणों में विभाजित किया है, जिसकी परिपक्वता (Maturity) तीन साल की होगी:

 ₹96.96 के सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंचा था रुपया

यह वित्तीय कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब भारतीय करेंसी (INR) अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार कमजोर होकर पिछले हफ्ते 1 डॉलर के मुकाबले 96.96 के सर्वकालिक निचले स्तर (Record Low) पर बंद हुई थी। हालांकि, केंद्रीय बैंक के हस्तक्षेप और कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में आई गिरावट के चलते रुपये में थोड़ा सुधार हुआ और यह फिलहाल 95.50 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है।

इस स्वैप से भारतीय बाजार पर क्या असर पड़ेगा?

विशेषज्ञों के अनुसार, केंद्रीय बैंक पिछले कुछ समय से रुपये को बचाने के लिए अपने विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) से लगातार डॉलर बेच रहा था, जिससे बैंकिंग सिस्टम से रुपये की लिक्विडिटी कम होने और ब्याज दरें बढ़ने का खतरा पैदा हो गया था।

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