Wednesday, May 20, 2026
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Primary Teachers Posting: हाई कोर्ट ने प्राथमिक शिक्षकों के पद पर नियुक्ति मामले में सरकार से मांगा जवाब

Primary Teachers Posting: हाई कोर्ट ने प्राथमिक शिक्षकों के पद पर नियुक्ति मामले में सरकार से मांगा जवाब । हाई कोर्ट ने बीएड डिग्रीधारकों को प्राथमिक शिक्षकों के पद पर नियुक्ति देने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर राज्य शासन को हर हाल में जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। हाई कोर्ट ने राज्य शासन को अंतिम मोहलत देते हुए निर्देश दिया है कि अगले सप्ताह तक जवाब पेश करने समय दिया है। प्रशासनिक न्यायाधीश शील नागू व न्यायमूर्ति देव नारायण मिश्रा की युगलपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 15 दिसंबर को निर्धारित की है।

डीएलएड छात्रों ने दी है नियुक्तियों को चुनौती

उल्लेखनीय है कि विगत सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने कहा था कि यदि राज्य शासन का जवाब नहीं आता है तो ओआइसी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। मंगलवार को सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से आचार संहिता और चुनाव ड्यूटी का हवाला देकर अतिरिक्त मोहलत मांगी गई। दरअसल, हाई कोर्ट में वर्ष 2018 में हुई प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा के तहत की गई नियुक्तियों को चुनौती देते हुए कई डीएलएड छात्रों ने याचिकाएं दाखिल की गई हैं। इसी के तहत अब सैकड़ों बीएड डिग्रीधारक उम्मीदवारों ने भी हस्तक्षेप आवेदन प्रस्तुत किए हैं।

एनसीटीई की अधिसूचना को दी गई है चुनौती जबलपुर निवासी रोहित चौधरी समेत प्रदेश के अलग-अलग जिलों के दर्जनों डीएलएड छात्रों ने याचिका दायर कर एनसीटीई द्वारा 26 अगस्त, 2018 की जारी उस अधिसूचना को चुनौती दी है, जिसके तहत प्राथमिक शिक्षक भर्ती के लिए बीएड डिग्रीधारकों को भी पात्र माना है।

 

शिक्षकों एक ब्रिज कोर्स करने की शर्त

याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर व विनायक प्रसाद शाह ने बताया कि बीएड डिग्रीधारकों के लिए यह शर्त रखी गई है नियुक्ति के दो वर्ष के भीतर ऐसे शिक्षकों को एक ब्रिज कोर्स करना होगा। दलील दी गई कि प्रदेश में प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा 2018 के तहत सैकड़ों बीएड डिग्री वालों को भी नियुक्ति दी गई है, जबकि अभी तक एनसीटीई ने ब्रिज कोर्स का सिलेबस भी निर्धारित नहीं किया है।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम