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स्व-सहायता समूह से बदली तकदीर और जिंदगी : अब “लखपति दीदी” बनीं रश्मि

स्व-सहायता समूह से बदली तकदीर और जिंदगी : अब “लखपति दीदी” बनीं रश्म

 

कटनी -कलेक्टर आशीष तिवारी के नेतृत्व एवं जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर की सतत् निगरानी और प्रयासों से मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रो की महिलाओ को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिये निरंतर कार्य करने के कारण ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं।

विकासखण्ड कटनी की ग्राम घंघरीखुर्द की श्रीमती रश्मि पटेल महिला आत्मनिर्भरता एवं “लखपति दीदी” अभियान का प्रेरणादायक उदाहरण बन चुकी है।

श्रीमती पटेल पति श्री मंगल पटेल, वर्ष 2023 में “राधे स्व-सहायता समूह” से जुड़ीं। उस समय उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य थी तथा परिवार की वार्षिक आय लगभग 68 हजार रुपये थी। सीमित आय के कारण परिवार का पालन-पोषण, बच्चों की पढ़ाई एवं घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करना चुनौतीपूर्ण था।

समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने नियमित बचत प्रारंभ की एवं समूह बैठकों में सक्रिय सहभागिता निभाई। आजीविका मिशन के सहयोग से उन्हें बैंक लिंकेज (CCL) के माध्यम से 80 हजार रुपये, सीआईएफ से 35 हजार रुपये एवं आरएफ से 1500 रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई।

प्राप्त आर्थिक सहयोग से उन्होंने अपनी छोटी सी किराना की दुकान का विस्तार किया। इसके साथ ही मनिहारी दुकान, तेल पिराई मिल एवं आटा चक्की का कार्य प्रारंभ किया। मेहनत एवं लगन से उनका व्यवसाय लगातार बढ़ता गया और वर्तमान में वे तेल सप्लाई का कार्य भी कर रही हैं।

उनकी मासिक आय में निरंतर वृद्धि हुई और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होने लगी। पहले जहां उनकी वार्षिक आय लगभग 68 हजार रुपये थी, वहीं आज उनकी वार्षिक आय बढ़कर लगभग 1 लाख 44 हजार रुपये हो चुकी है। इसी उपलब्धि के आधार पर वे “लखपति दीदी” के रूप में पहचान बना चुकी हैं।

 

रश्मि पटेल बताती हैं कि –

“स्व-सहायता समूह ने मुझे नया आत्मविश्वास दिया। पहले मैं केवल घर तक सीमित थी, लेकिन समूह से जुड़ने के बाद मैंने व्यवसाय शुरू किया और आज मैं आत्मनिर्भर बन पाई हूं। अब मेरा सपना है कि गांव की अन्य महिलाएं भी आगे बढ़ें और लखपति दीदी बनें।”

आज वे गांव की अन्य महिलाओं को भी बचत, स्वरोजगार एवं समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनकी यह सफलता कहानी महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार एवं मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की प्रभावशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण है।

इस अवसर पर जिला परियोजना प्रबंधक अनुराग मोदी द्वारा बताया गया कि मिशन के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने हेतु मिशन दृढ संकल्पित है । “लखपति दीदी” अभियान का उद्देश्य महिलाओं की वार्षिक आय को एक लाख रुपये से अधिक तक पहुंचाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि रश्मि पटेल जैसी महिलाएं मिशन की सफलता का जीवंत उदाहरण हैं, जिन्होंने समूह से जुड़कर न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की है बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का कार्य कर रही हैं।

Rohit Sen

15 वर्षों से प्रिंट एवं डिजीटल मीडिया में कार्य का अनुभव वर्तमान में यशभारत डॉट कॉम में जिला प्रतिनिधि