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स्वतंत्रता दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संबोधन: ‘दुनिया में संकट के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था सबसे मजबूत, 80 करोड़ को राशन और 3 करोड़ बनीं लखपति दीदी’

स्वतंत्रता दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संबोधन: ‘दुनिया में संकट के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था सबसे मजबूत, 80 करोड़ को राशन और 3 करोड़ बनीं लखपति दीदी’

  • 80वें स्वतंत्रता दिवस की शुरुआत पर देशवासियों को बधाई, सेना और पुलिस बलों की कर्तव्य-निष्ठा की सराहना की

  • वैश्विक मंदी और युद्ध के माहौल के बावजूद भारत की आर्थिक विकास दर दुनिया के औसत से दोगुनी रहने का अनुमान

  • डिजिटल क्रांति में भारत की बादशाहत: दुनिया के आधे से अधिक रियल-टाइम डिजिटल ट्रांजैक्शन अब अकेले भारत में

  • अदालतों से अपील: संसाधनों की कमी के कारण कोई भी नागरिक न्याय से वंचित न रहे

 भाषण के 5 मुख्य और बड़े बिंदु:

1. अर्थव्यवस्था और डिजिटल क्रांति

दुनिया भर में युद्ध और अस्थिरता के कारण आर्थिक संकट है, लेकिन इसके बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। भारत की विकास दर वैश्विक औसत से दोगुनी से भी अधिक रहने का अनुमान है। आज वैश्विक स्तर पर होने वाले कुल रियल-टाइम डिजिटल ट्रांजैक्शन में से 50% से अधिक अकेले भारत में हो रहे हैं।

2. सामाजिक कल्याण और ‘लखपति दीदी’

  • मुफ्त राशन योजना: देश के 80 करोड़ से अधिक लाभार्थियों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है।

  • लखपति दीदी योजना: 3 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का शुरुआती लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल कर लिया गया है और देश अब 3 करोड़ और लखपति दीदी बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

3. सशस्त्र बलों और पुलिसकर्मियों को नमन

राष्ट्रपति ने थल सेना, नौसेना, वायु सेना, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) और राज्य पुलिस कर्मियों के अदम्य साहस व कर्तव्य-निष्ठा की दिल से सराहना की। उन्होंने विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का नाम रोशन करने वाले भारतीयों को भी बधाई दी।

4. न्याय प्रणाली को लेकर कड़ा संदेश

राष्ट्रपति मुर्मू ने न्यायपालिका पर जोर देते हुए कहा कि न्यायिक प्रणाली से जुड़े हर व्यक्ति का यह परम कर्तव्य है कि वह यह सुनिश्चित करे कि पैसे या संसाधनों की कमी की वजह से देश का कोई भी गरीब या असहाय नागरिक न्याय से वंचित न रहने पाए।

5. 78 वीरता पुरस्कारों को मंजूरी

राष्ट्रपति ने सेना और सुरक्षा बलों के जांबाज जवानों के लिए 78 वीरता पुरस्कारों (Gallantry Awards) की स्वीकृति दी, जिनमें देश रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले 13 अमर शहीदों को मिलने वाले मरणोपरांत पुरस्कार भी शामिल हैं।

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