ब्रह्मा बाबा के स्मृति दिबस पर प्रजापिता ब्रम्हकुमारी बहनो ने किये श्रद्धा सुमन अर्पित

ब्रह्मा बाबा के स्मृति दिबस पर प्रजापिता ब्रम्हकुमारी बहनो ने किये श्रद्धा सुमन अर्पि
कटनी -सिविल लाइन स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में संस्था की संस्थापक ब्रह्मा बाबा के स्मृति दिवस पर प्रातः बाबा के तेल चित्र समक्ष भोग अर्पित कर सभी भाई बहनों ने श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनके बताएं आध्यात्मिक के मूल तत्व को आत्मसात करने का संकल्प लिया और मौन रहकर सभी ने अखंड योग किया । राजयोग केंद्र संचालिका बीके लक्ष्मी बहन ने कहा कि मानव अगर साईलेन्स की शक्ति को समझ लें तो व्यक्ति महान बन सकता है साईलेन्स की शक्ति से नई सृष्टि का निर्माण होता है।
उन्होंने ब्रह्मा बाबा के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मानवता के उद्धारक तथा नारी शक्ति को नई पहचान देकर विश्व की सम्भवत: प्रथम नारी सत्ता द्वारा संचालित आध्यात्मिक संस्था प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की स्थापना करने वाले ब्रह्मा बाबा नवयुग के अद्भुत शिल्पी थे। दैवी संस्कृति के पुनस्र्थापना के लिए उन्होंने वर्ष 1937 में ओम मंडली नामक संस्था बनाकर अपनी सम्पूर्ण अर्जित सम्पत्ति को समर्पित कर दिया। यह संस्था पांच मई 1950 को माउंट आबू राजस्थान में स्थानांतरित हुई।उन्होंने आगे बताया कि ब्रह्मा बाबा ने 18 जनवरी 1969 को अपनी देह का परित्याग करके संपूर्णता की स्थिति को प्राप्त किया था। उन्ही की पुण्य स्मृति में विश्व भर में इस संस्था की ओर से 18 जनवरी को अव्यक्त दिवस के रूप में मनाया जाता है। अंत में सभी भाई बहनों को ईश्वरीय भोग प्रदान किया गया इस अवसर पर बीके दुर्गा बहन नेहा बहन तृप्ति बहन शिवानी बहन मंगला माता सुनीता बहन सहित अन्य भाई बहनों की उपस्थिति रही ।








