PPE और N95 मास्क न मिलने से हड़ताल पर डॉक्टर, फिर भी निभा रहे जिम्मेदारी
नई दिल्ली । कोरोना वायरस (Coronavirus) दुनियाभर में कोहराम मचा रहा है. छूने से भी फैलने वाले इस वायरस के संक्रमण का खतरा उन डॉक्टरों और नर्सों को ही सबसे ज्यादा है, जो मरीजों का इलाज कर रहे हैं. संक्रमण से बचाव लिए डॉक्टरों को पीपीई (PPE) किट की जरूरत होती है, जिसकी देश में कमी बताई जा रही है. फरीदाबाद में ईएसआईसी (ESIC) मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर तो पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (पीपीई) की मांग करते हुए सांकेतिक हड़ताल भी कर रहे हैं. हालांकि, वे हड़ताल के बावजूद इलाज कर रहे हैं.
ईएसआईसी हॉस्पिटल (ESIC Hospital) में कोविड-19 (Covid-19) के रोगियों का इलाज हो रहा है. टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, यहां के 550 में से 150 बेड आइसोलेशन वार्ड में इस्तेमाल हो रहे हैं. इस वार्ड में कोरोना से संक्रमित लोगों को रखा जा रहा है. वहीं, 50 डॉक्टरों की टीम और स्टाफ काली पट्टी बांधकर रोगियों का इलाज कर रही है
एक डॉक्टर ने कहा, ‘हम डॉक्टर इलाज की पहली सीढ़ी हैं. रोगियों से हम ही मिलते हैं, लेकिन हमें कहा गया है कि सिर्फ उन्हीं डॉक्टरों को पीपीई किट और एन-95 मास्क (N95 Mask) दिया जाएगा, जो कोरोना पॉजिटिव रोगियों का इलाज कर रहे हैं. यह रवैया सही नहीं है. सभी डॉक्टरों को किट और एन-95 मास्क दिया जाना चाहिए. आखिर कोई नहीं जानता कि कौन सा संदिग्ध मरीज कोरोना पॉजिटिव निकल जाए
जूनियर डॉक्टरों की मुश्किलें भी कम नहीं हैं. उनका कहना है कि सीनियर डॉक्टर कोविड-19 के मरीजों के इलाज से बचने की कोशिश करते हैं. ऐसे में जूनियर डॉक्टरों को उन्हें देखना पड़ता है. एक जूनियर डॉक्टर ने कहा, ‘हमारी जॉब यहां तय नहीं है. हम सब कॉन्ट्रैक्ट पर हैं. यदि हम कोविड-19 संक्रमित व्यक्ति के इलाज से इनकार कर दें तो हमारी नौकरी भी जा सकती है. दूसरी ओर हमें पीपीई किट भी नहीं दिया जाता. हमारा हेल्थ इंश्योरेंस भी नहीं है.’ एक अन्य डॉक्टर ने कहा, ‘हम यहां की मुश्किलों से वाकिफ हैं. हम देख रहे हैं कि अस्पताल में मरीज हैं. दूसरी ओर, कई डॉक्टर छुट्टी पर हैं. हम संकट का सामना कर रहे हैं
हालांकि, अस्पताल के डीन असीम दास ने जूनियर डॉक्टरों के दावों को सही नहीं माना. उन्होंने कहा, ‘हमारे पास सुरक्षा के पर्याप्त उपकरण हैं. हमारे पास 300 पीपीई किट और 7 हजार एन-95 मास्क हैं. जबकि, हमारे यहां कोरोना से संक्रमित मरीज सिर्फ छह हैं. हम सभी सुरक्षा मानकों का पालन कर रहे हैं