सीधी में बुजुर्ग की पीठ पर सवार होने वाला पटवारी नीलेश नामदेव सस्पेंड, कलेक्टर के निर्देश पर एडीएम कर रहे हैं जांच

सीधी में बुजुर्ग की पीठ पर सवार होने वाला पटवारी नीलेश नामदेव सस्पेंड, कलेक्टर के निर्देश पर एडीएम कर रहे हैं जांच

सीधी: मध्य प्रदेश के सीधी जिले में अमानवीयता का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसके बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। ग्राम माटा में पानी से भरे गड्ढे को पार करने के लिए एक बुजुर्ग की पीठ पर सवार होने वाले हल्का पटवारी नीलेश नामदेव को जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सोशल मीडिया पर पटवारी का यह वीडियो तेजी से वायरल हुआ था, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है।

कलेक्टर के निर्देश पर एडीएम कर रहे हैं जांच वीडियो सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ गया, जिसके बाद कलेक्टर विकास मिश्रा के निर्देश पर अपर कलेक्टर (एडीएम) बीपी पाण्डेय ने खुद गांव पहुंचकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी है। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एसडीओपी/एसडीएम) गोपद बनास प्रिया पाठक ने प्रथम दृष्टया पटवारी के इस कृत्य को असंवेदनशील और अपमानजनक मानते हुए मप्र सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत पटवारी नीलेश नामदेव को निलंबित कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

क्या है पूरा मामला? सीधी जिले के ग्राम माटा का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। इस वीडियो में हल्का पटवारी नीलेश नामदेव एक बुजुर्ग ग्रामीण की पीठ पर बैठकर पानी से भरा गड्ढा पार करते हुए नजर आ रहा है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि बुजुर्ग व्यक्ति कीचड़ और पानी भरे रास्ते से गुजर रहा है और पटवारी आराम से उसकी पीठ पर बैठा हुआ है। इस अमानवीय तस्वीर के सामने आते ही आम जनता और सोशल मीडिया यूजर्स में भारी आक्रोश फैल गया।

भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के भी आरोप पटवारी के इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद ग्रामीणों ने कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचकर पटवारी के खिलाफ कई गंभीर शिकायतें दर्ज कराई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पटवारी नीलेश नामदेव द्वारा शासकीय पट्टा बनवाने, पीएम किसान सम्मान निधि, जाति और जन्म प्रमाण पत्र जैसे जरूरी दस्तावेजों के कामों के एवज में लगातार अवैध रूप से सेवा शुल्क (रिश्वत) की मांग की जाती थी। वायरल वीडियो के तूल पकड़ने के बाद प्रशासन ने ग्रामीणों की इन शिकायतों को भी अपनी जांच के दायरे में शामिल कर लिया है।

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