Tuesday, May 26, 2026
Latest:
Latest

Only Online No Cash: अब 100% डिजिटल हुूआ हॉस्‍पि‍टल, AIIMS में नहीं मिलेगा समोसा-लस्सी! जानें इसकी वजह

Only Online No Cash: अब 100% डिजिटल हुूआ हॉस्‍पि‍टल, AIIMS में नहीं मिलेगा समोसा-लस्सी!। आपके जेब में कैश होने के बावजूद एम्स की कैंटीन में आपको भोजन नहीं मिलेगा. चौंक गए या सुनकर हैरानी हो रही है! जनाब यह सच है. डॉयरेक्टर एम्स ने इसे लेकर नया फरमान जारी किया है. डॉ. एम श्रीनिवास चाहते हैं कि एम्स में 100 प्रतिशत डिजिटल पेमेंट मॉडल हो. इसी कड़ी में डिजिटल पेमेंट को कैंटीन में अनिवार्य किया गया है, जिसका मकसद डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देना है.

पीआईसी मीडिया सेल की डॉ. रीमा दादा ने कहा, “पूरी तरह से डिजिटल भुगतान प्रणाली को अपनाना एम्स के तकनीकी प्रगति को अपनाने के प्रगतिशील दृष्टिकोण को दर्शाता है. यह कदम न केवल सुविधा को बढ़ाता है, बल्कि अधिक सुरक्षित और कुशल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र में भी योगदान देता है.

100% डिजिटल भुगतान प्रणाली लागू

पिछले निर्देशों के बावजूद, एम्स नई दिल्ली के निदेशक डॉ. (प्रो.) एम. श्रीनिवास के ध्यान में आया है कि एम्स कैफेटेरिया में डिजिटल भुगतान के साथ-साथ नकद लेन-देन भी किया जा रहा है. इसे लेकर नया फरमान जारी किया गया है, जिसके तहत इस एम्स कैफेटेरिया के सभी काउंटरों पर केवल डिजिटल भुगतान के तरीके स्वीकार किए जाएंगे, जिसमें स्मार्ट कार्ड, यूपीआई, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड आदि शामिल हैं.

क्या है इसका मकसद?

इस उपाय का उद्देश्य संस्थान के आधुनिकीकरण और सुविधा के प्रति प्रतिबद्धता के अनुरूप लेन-देन को सुव्यवस्थित करना, दक्षता बढ़ाना और नकद रहित वातावरण को बढ़ावा देना है. प्रशासन की ओर से यह दावा किया जाता रहा है कि एम्स नई दिल्ली सेवा और तकनीकी उन्नति के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए समर्पित है, जो स्वास्थ्य सेवा प्रशासन में नवाचार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है.

कृपया सहयोग करें

डॉ. (प्रो.) एम. श्रीनिवास ने इस बदलाव के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “100% डिजिटल भुगतान की ओर बदलाव हमारे कर्मचारियों, आगंतुकों और हितधारकों के लिए पारदर्शिता, सुरक्षा और सुविधा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. हम सभी से सहयोग करने और कैफेटेरिया के बेहतर अनुभव के लिए इस नई प्रणाली को अपनाने का आग्रह करते हैं.”

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम